आराधना ने स्वराज भवन से फूंका यूपी चुनाव का बिगुल:पूर्वांचल के 12 जिलों का केंद्र प्रयागराज, संगठन की बैठक कर दिया संदेश
कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्र मोना ने यूपी चुनाव का बिगुल आजादी की लड़ाई का केंद्र रहे स्वराज भवन से फूंका है। प्रयागराज में कांग्रेस ने सामाजिक न्याय और भागीदारी सम्मेलन तो किया ही साथ ही शंकरलाल मेमोरियल हॉल में प्रयाग जोन की संगठनात्मक बैठक की। कांग्रेस ने जिलों को जोन में बांटा हुआ है। प्रयाग जोन की इस बैठक में 12 जिलों के संगठनों पर मंथन हुआ। इससे साफ हो गया कि पूर्वांचल के 12 जिले प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, वाराणसी, मिर्जापुर, भदोही, सोनभद्र, गाजीपुर, सुल्तानपुर, अमेठी, चंदौली और जौनपुर की बागडोर प्रयागराज से संभाली जाएगी। इसका मुख्य केंद्र प्रयागराज ही रहेगा। आराधना मिश्र मोना का विधानसभा क्षेत्र प्रतापगढ़ में है। प्रयागराज उनका घर और परिवार है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने स्वराज भवन जाकर समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद कार्यक्रमों और बैठकों में शामिल हुए। संदेश साफ है कि स्वराज भवन यूपी चुनाव का अहम केंद्र रहेगा। 2 तस्वीरें देखिए… आराधना बोलीं - गठबंधन के साथ मजबूती से चुनाव लड़ेंगे प्रयागराज में प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि कांग्रेस ने सभी लोगों को मतदान का अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष किया। आज संविधान के तहत नागरिकों को मिले मतदान के अधिकार को लोकतंत्र की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जाना चाहिए।
उन्होंने जोर दिया कि इस अधिकार की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाता सूची से नाम कटने के आरोपों को गंभीरता से देखने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हर पात्र नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करने की जरूरत है। वहीं कांग्रेस प्रदेश में इंडिया गठबंधन के साथ मजबूती से चुनाव लड़ रही है। उन्होंने पार्टी की चुनावी तैयारियों और राजनीतिक सक्रियता को लेकर भरोसा जताया कि जल्द ही इसका असर धरातल पर दिखाई देगा। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहला दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार आराधना मिश्रा ‘मोना’ रविवार को प्रयागराज पहुंचीं। वह कांग्रेस के सामाजिक न्याय सम्मेलन में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य केवल चुनावी मैदान में उतरना नहीं, बल्कि जीत हासिल कर सरकार बनाना है। इंडिया गठबंधन को मजबूत करने और प्रदेश में गठबंधन की सरकार बनाना प्राथमिकता है। उनके साथ छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी थे। उन्होंने कहा कि सरकार जाति जनगणना से बच रही है। वोटर लिस्ट से मतदाताओं के नाम काट रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार प्रयागराज पहुंचीं आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने ऐतिहासिक स्थल पर आशीर्वाद लेने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संवाद किया। उन्होंने इस स्थान को हर कांग्रेसी के लिए “मंदिर समान” बताया और कहा कि आजादी के आंदोलन में इसी जमीन ने पार्टी को संघर्ष की ताकत दी है। आराधना मिश्रा ने कहा कि सामाजिक न्याय कांग्रेस की विचारधारा का मूल आधार रहा है और वर्तमान में जब “लोकतंत्र व संविधान पर आघात” हो रहा है, तब पार्टी सभी वर्गों को एकजुट करने का काम कर रही है। उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व में संविधान की रक्षा की लड़ाई और भी तेज करने का संकल्प दोहराया। 2027 चुनाव पर उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी का लक्ष्य केवल मैदान में उतरना नहीं, बल्कि जीतकर सरकार बनाना है। उन्होंने पहले भी कहा है कि उनकी प्राथमिकता इंडिया गठबंधन को मजबूत कर 2027 में प्रदेश में गठबंधन की सरकार बनाना है। बघेल बोले- सरकार अपनी पसंद के मतदाता चुन रही सम्मेलन में पहुंचे छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जाति जनगणना को सामाजिक न्याय के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि इससे हर वर्ग की आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति का वास्तविक आंकड़ा सामने आएगा। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जाति जनगणना से बच रही है, जबकि इससे दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों की भागीदारी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। बघेल ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी को लेकर कहा कि पहले मतदाता अपनी सरकार चुनते थे, लेकिन अब सरकार अपनी पसंद के मतदाता चुन रही है। उन्होंने कहा कि संविधान ने आजादी के बाद सभी नागरिकों को समान मताधिकार दिया था। कांग्रेस इसी अधिकार की रक्षा के लिए आंदोलन कर रही है। बघेल ने बताया कि राहुल गांधी के आह्वान पर 1 नवंबर को दिल्ली में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ महारैली आयोजित की जाएगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के इसमें शामिल होने का दावा किया। पीलीभीत में 13,150 वोटों को लेकर विवाद उत्तर प्रदेश के प्रभारी राजेंद्र प्रताप गौतम ने निर्वाचन आयोग और भाजपा पर मतदाता सूची में कथित हेरफेर का आरोप लगाया। उन्होंने पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र का हवाला देते हुए दावा किया कि 10 अप्रैल को जारी फाइनल ड्राफ्ट के बाद 13,150 मतदाताओं के नाम बदल दिए गए, जबकि उनके EPIC और सीरियल नंबर वही रखे गए। कांग्रेस के मुताबिक, 884 ऐसे मतदाताओं के नाम हटा दिए गए, जो अपने पते पर मौजूद थे। वहीं, पार्टी ने 2,600 ऐसे नाम जोड़े जाने का आरोप लगाया, जिनके संबंधित पते पर रहने की पुष्टि नहीं थी। कांग्रेस ने कुल 16,554 वोटों में हेरफेर का दावा करते हुए मामले में कानूनी कार्रवाई करने की बात कही। मामले में निर्वाचन आयोग ने जांच के आदेश दिए थे। जिला प्रशासन ने दो एसडीएम मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी के साथ वीआरसी ऑपरेटर अनिल कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। प्रशासन के अनुसार, जांच में निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई। 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली कांग्रेस 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली आयोजित करेगी। पार्टी नेताओं के मुताबिक, इसका उद्देश्य मतदाता सूची की पारदर्शिता, समान मताधिकार और संविधान की रक्षा के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है। प्रयागराज के सम्मेलन में कांग्रेस ने जाति जनगणना और मतदाता सूची के मुद्दों को सामाजिक न्याय की लड़ाई से जोड़ते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी का संदेश भी दिया। पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर संगठन मजबूत करने और आगामी चुनाव में जीत हासिल करने का लक्ष्य दिया।
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