अधिवक्ताओं ने लाइसेंस प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का लगाया आरोप:महराजगंज में डीएम को सौंपा शिकायती पत्र, एआरटीओ और डीटीआई की भूमिका की जांच की मांग
महराजगंज में वाहन लाइसेंस बनवाने और नवीनीकरण की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। अधिवक्ता जुगल किशोर पटेल के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल को शिकायती पत्र सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की। उन्होंने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) और डीटीआई की भूमिका पर सवाल उठाए। शिकायती पत्र के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों तक लाइसेंस का परीक्षण महराजगंज स्थित एआरटीओ कार्यालय में होता था। अधिवक्ताओं ने कहा कि 1 जुलाई 2026 से लाइसेंस नवीनीकरण, परिवहन लाइसेंस और स्थायी लाइसेंस का परीक्षण डीटीआई को सौंपे जाने की बात कही जा रही है। आरोप है कि डीटीआई में फाइल और परीक्षण शुल्क जमा करने के बाद भी परीक्षण में सफल होने की प्रक्रिया आरआई अपने लॉगइन से पूरी करते हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि इससे आवेदकों और उनके बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है। अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि डीटीआई की ओर से अलग-अलग लाइसेंस शुल्क की स्पष्ट सूची नहीं दी जा रही है। कथित तौर पर बिचौलियों के जरिए अलग-अलग फाइलों के लिए 5,500 से 7,500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। उन्होंने डीटीआई और आरआई की भूमिका की जांच की मांग की। अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को कहा। जिलाधिकारी ने जांच और जरूरी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस मौके पर अमित कुमार यादव, संतोष गुप्ता, अकबर अली, दुर्गेश श्रीवास्तव, आशीष गुप्ता, विनय पासवान, शकील अहमद, बैजनाथ यादव, सुरेंद्र गुप्ता, धनंजय गुप्ता, नितिन, मुकेश, सुनील गुप्ता, बृजेश गुप्ता, शेषमणि, रिजु अग्रहरि, अनिल पटेल, राम भवन और अन्य लोग मौजूद रहे।
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