अयोध्या में केरलम से अयोध्या पहुंचे 55 युवा:रामलला के दर्शन कर समझी रामनगरी की संस्कृति
भाषाएं अलग, रहन-सहन अलग, लेकिन दिल में एक भारत का भाव। इसी संदेश के साथ केरलम से आए युवाओं के दल ने रविवार को रामनगरी अयोध्या का भ्रमण किया। ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ पहल के तहत ‘युवा संगम’ के सातवें चरण में पहुंचे 55 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का भव्य स्वागत किया गया। दल में आईआईटी पलक्कड़ के 50 छात्र और 5 शिक्षक शामिल हैं। यहां युवाओं ने प्रभु श्रीराम के दर्शन किए और स्थानीय लोगों से संवाद कर अयोध्या की संस्कृति को करीब से जाना। दल का नेतृत्व काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के डॉ. बाला लखेंद्र, केरल के श्री सेलेस्टेट आर. और गोपी श्रीकांत रेड्डी कर रहे हैं। बीएचयू के नोडल अधिकारी डॉ. बाला लखेंद्र ने बताया कि यह भ्रमण राष्ट्रीय एकता, आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। बनारस, अयोध्या और लखनऊ की विरासत से होंगे परिचित आईआईटी पलक्कड़ के नेतृत्व में आया यह दल 22 से 28 अक्टूबर तक उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थलों का भ्रमण कर रहा है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय इस कार्यक्रम की मेजबानी कर रहा है। भ्रमण के दौरान युवा प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ विकास कार्यों और नवाचारों को भी समझ रहे हैं। अयोध्या में दर्शन और स्थानीय लोगों से बातचीत के बाद दल लखनऊ के लिए रवाना हो गया। वहां युवा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े ऐतिहासिक रेजिडेंसी और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण करेंगे। 26 अक्टूबर को प्रतिनिधिमंडल की उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात भी प्रस्तावित है। विविधता में एकता का संदेश ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ भारत सरकार की ऐसी पहल है, जो विभिन्न राज्यों के लोगों को एक-दूसरे की भाषा, खानपान, वेशभूषा, कला और परंपराओं से परिचित कराती है। शिक्षा मंत्रालय की ओर से आयोजित युवा संगम कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को देश के अलग-अलग क्षेत्रों को प्रत्यक्ष रूप से जानने का अवसर मिलता है। इस यात्रा का उद्देश्य केवल ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करना नहीं, बल्कि युवाओं के बीच संवाद और सांस्कृतिक समझ विकसित करना भी है। ऐसे आयोजन देश की विविधता को करीब से समझने और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने का अवसर देते हैं।
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