बुलंदशहर में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 2027 में:4 जनवरी को होगा, राजनीतिक दलों के साथ बैठक में हुई चर्चा
जिला निर्वाचन अधिकारी कुमार हर्ष ने कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार अपराह्न 11 बजे मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची के अर्हता तिथि 01 जनवरी, 2027 के आधार पर विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम और भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जानकारी दी गई कि इस पुनरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची से छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम जोड़ना है। आयोग के निर्देशानुसार विशेष कैंप दिवस आयोजित किए जाएंगे, जहां बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) अपने-अपने बूथों पर उपस्थित रहकर नाम जोड़ने के लिए आवेदन फॉर्म प्राप्त करेंगे। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 04 जनवरी, 2027 को किया जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे प्रत्येक बूथ पर अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की नियुक्ति कर उसकी सूची समय से उपलब्ध कराएं। साथ ही, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अंतिम प्रकाशन से पहले सभी दावे और आपत्तियों का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इस पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत वे युवा मतदाता पात्र होंगे जिनकी आयु 01 अक्टूबर, 2026 या 01 जनवरी, 2027 तक 18 वर्ष पूरी हो चुकी है। इसके अतिरिक्त, 01 अप्रैल, 01 जुलाई और 01 अक्टूबर, 2027 को अर्हता तिथि पूरी करने वाले युवाओं से भी अग्रिम आवेदन प्राप्त किए जाएंगे, जिनका निस्तारण संबंधित तिमाही में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होगा। नागरिक ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं।
विभिन्न कार्यों के लिए निर्धारित फॉर्म इस प्रकार हैं फॉर्म-6: नए नाम जुड़वाने के लिए। फॉर्म-6ए: प्रवासी भारतीय (NRI) मतदाताओं के पंजीकरण हेतु। फॉर्म-7: नाम हटाने या आपत्ति दर्ज कराने के लिए। फॉर्म-8: निवास परिवर्तन, प्रविष्टियों में संशोधन, मतदाता पहचान पत्र के प्रतिस्थापन और दिव्यांग मतदाताओं के चिह्नांकन हेतु। पात्र नागरिक इन प्रपत्रों को ऑफलाइन भरकर अपने बीएलओ को दे सकते हैं या ‘Voter Service Portal’ (voters.eci.gov.in) व ‘ECINET’ ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। बैठक में मतदेय स्थलों के संभाजन और पुनर्वव्यवस्थापन पर भी चर्चा हुई।
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