राम मंदिर में चोरी पर छलका नृपेंद्र मिश्रा का दर्द, बोले- यह एक कलंक!

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने अयोध्या पहुंचकर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने मंदिर में चढ़ावे की चोरी की घटना को राम मंदिर पर एक कलंक बताते हुए कहा कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट इस मामले की लगातार निगरानी कर रहा है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

राम मंदिर में चोरी पर छलका नृपेंद्र मिश्रा का दर्द, बोले- यह एक कलंक!

दि राइजिंग न्यूज़ | अयोध्या | 11 जुलाई 2026

 राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा शनिवार को अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने हाल ही में सामने आए चढ़ावे की चोरी के मामले पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे केवल एक सामान्य चोरी नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर लगा एक कलंक बताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रीराम मंदिर देश की सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान का प्रतीक है, इसलिए यहां इस प्रकार की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और दोषियों को कानून के अनुसार कठोर दंड दिलाया जाएगा। साथ ही उन्होंने मंदिर निर्माण, परकोटा, अखंड ज्योति और राम कथा संग्रहालय सहित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की भी जानकारी दी।


राम मंदिर में चोरी की घटना पर भावुक हुए नृपेंद्र मिश्रा, बोले- यह केवल चोरी नहीं, करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर आघात

अयोध्या पहुंचने के बाद नृपेंद्र मिश्रा ने सबसे पहले श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने मंदिर में चढ़ावे की चोरी की घटना पर अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक नुकसान का मामला नहीं है, बल्कि उन करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा विषय है जो भगवान श्रीराम के प्रति अपनी श्रद्धा और विश्वास व्यक्त करने के लिए मंदिर में चढ़ावा अर्पित करते हैं।उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण देशवासियों की वर्षों पुरानी आस्था और संघर्ष का परिणाम है। ऐसे पवित्र स्थल पर चोरी जैसी घटना होना पूरे मंदिर तंत्र और समाज के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने इसे राम मंदिर पर एक कलंक बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना ट्रस्ट और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है।


गोविंद देवगिरी लगातार रख रहे हैं पूरे मामले पर नजर, जांच में किसी को नहीं मिलेगी राहत

नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी इस पूरे मामले की लगातार निगरानी कर रहे हैं और जांच से जुड़ी प्रत्येक जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसियां हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही या साजिश सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जांच के दौरान किसी भी व्यक्ति के साथ पक्षपात नहीं किया जाएगा। यदि कोई कर्मचारी, अधिकारी अथवा अन्य व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर की गरिमा बनाए रखना ट्रस्ट की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और इस मामले में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।


तीस जुलाई तक मुख्य मंदिर निर्माण पूरा करने का लक्ष्य, अखंड ज्योति की व्यवस्था पर तेजी से काम

मंदिर निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि श्रीराम मंदिर के मुख्य निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि मौसम और अन्य परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो तीस जुलाई तक मंदिर के मुख्य निर्माण का अधिकांश कार्य पूरा कर लिया जाएगा। निर्माण से जुड़े सभी विभाग तय समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।उन्होंने बताया कि मंदिर में चौबीसों घंटे प्रज्ज्वलित रहने वाली अखंड ज्योति की व्यवस्था का कार्य अभी पूरा होना बाकी है। इसके लिए आवश्यक तकनीकी और धार्मिक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उनका कहना था कि यह व्यवस्था मंदिर की आध्यात्मिक गरिमा से जुड़ी हुई है, इसलिए इसे पूरी सावधानी और परंपराओं के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।


चार किलोमीटर लंबे परकोटा का निर्माण सितंबर तक होगा पूरा, श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर सुरक्षा और सुविधा

नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर के चारों ओर बनाए जा रहे लगभग चार किलोमीटर लंबे परकोटा का निर्माण तेजी से चल रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य मंदिर परिसर को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुंदर बनाना है। उन्होंने बताया कि निर्माण एजेंसियों को तीस सितंबर तक इस कार्य को पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है।उन्होंने कहा कि परकोटा बनने के बाद श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक व्यवस्थित होगी और सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। इसके साथ ही मंदिर परिसर की समग्र संरचना और भव्यता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्राप्त होगा।


मंदिर परिसर के बाहर बन रहा विशाल सभागार, वर्ष के अंत तक पूरा होने की संभावना

मंदिर परिसर के बाहर बन रहे विशाल सभागार को लेकर भी नृपेंद्र मिश्रा ने जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह सभागार धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए तैयार किया जा रहा है। निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के अनुसार आगे बढ़ रहा है और संभावना है कि नवंबर अथवा दिसंबर तक यह पूरी तरह तैयार हो जाएगा।उन्होंने कहा कि सभागार बनने के बाद बड़ी संख्या में आयोजित होने वाले धार्मिक आयोजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के संचालन में काफी सुविधा मिलेगी। इससे श्रद्धालुओं और आगंतुकों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी बेहतर होंगी।


राम कथा संग्रहालय में आधुनिक तकनीक के माध्यम से जीवंत होगी भगवान श्रीराम की कथा

राम कथा संग्रहालय की प्रगति पर जानकारी देते हुए नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि संग्रहालय की बीस दीर्घाओं की विषयवस्तु पूरी तरह तैयार कर ली गई है। अब इनमें आधुनिक तकनीक के माध्यम से दृश्य प्रस्तुति, डिजिटल प्रदर्शन, चलचित्र और ध्वनि आधारित व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और भारतीय संस्कृति से जुड़े प्रसंगों को आधुनिक तरीके से प्रस्तुत करना है।उन्होंने कहा कि संग्रहालय केवल धार्मिक जानकारी देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह भारतीय इतिहास, संस्कृति और रामायण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को भी रोचक और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करेगा। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को समझने का बेहतर अवसर मिलेगा।


आस्था, पारदर्शिता और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने की तैयारी

नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, विश्वास और राष्ट्रीय सांस्कृतिक विरासत का केंद्र है। इसलिए मंदिर की सुरक्षा, पारदर्शी व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि चोरी की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था की भी व्यापक समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की कोई संभावना न रहे।उन्होंने भरोसा दिलाया कि मंदिर प्रशासन आधुनिक सुरक्षा प्रणाली, निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही को और अधिक मजबूत करेगा। उनका कहना था कि श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखना ट्रस्ट की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और इस दिशा में हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।