बंदी की मौत मामले में इंस्पेक्टर को क्लीनचिट:15 दिन बाद मिली बहाली, सलेमपुर में अपराध निरीक्षक बने

Oct 24, 2026 - 11:49
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बंदी की मौत मामले में इंस्पेक्टर को क्लीनचिट:15 दिन बाद मिली बहाली, सलेमपुर में अपराध निरीक्षक बने
देवरिया के खुखुंदू थाने की हवालात में बंदी बृजपाल उर्फ विक्की की मौत के मामले में निलंबित प्रभारी निरीक्षक राहुल सिंह को विभागीय जांच में दोषी नहीं पाया गया है। पुलिस अधीक्षक के पीआरओ के मुताबिक, जांच के करीब 15 दिन बाद उन्हें क्लीनचिट दी गई। इसके बाद उन्हें सलेमपुर कोतवाली में अपराध निरीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अमरोहा के फरीदपुर निवासी बृजपाल उर्फ विक्की (38) डीसीएम चालक थे। पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने 2 अक्टूबर को उन्हें गांजा बरामदगी के मामले में पकड़ा था। पुलिस के मुताबिक, डीसीएम से 1.40 क्विंटल गांजा बरामद हुआ था। अगले दिन 3 अक्टूबर की सुबह बृजपाल खुखुंदू थाने की हवालात में फंदे से लटके मिले थे। तीन पुलिसकर्मी किए गए थे निलंबित बंदी की मौत के बाद तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक राहुल सिंह, मुहर्रिर गुल्लुर प्रसाद और रिक्रूट आरक्षी अंगद यादव को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए थे। बृजपाल के परिजनों ने पिटाई से मौत होने का आरोप लगाया था, जबकि पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, परिजनों ने थाने में तहरीर नहीं दी थी। सीओ सलेमपुर ने की मामले की जांच पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच क्षेत्राधिकारी सलेमपुर को सौंपी थी। जांच के करीब 15 दिन बाद राहुल सिंह को क्लीनचिट दी गई। पुलिस अधीक्षक के पीआरओ आशीष सिंह ने बताया कि बृजपाल की मौत के मामले में राहुल सिंह का कोई दोष नहीं पाया गया। इसी आधार पर उन्हें सलेमपुर कोतवाली में अपराध निरीक्षक बनाया गया है। सलेमपुर कोतवाली पहले भी रही चर्चा में सलेमपुर कोतवाली में एक युवक को कई दिनों तक बैठाए रखने के आरोप से जुड़ा मामला भी चर्चा में रहा था। इस प्रकरण में हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस अधीक्षक ने तत्कालीन कोतवाल विनोद कुमार सिंह को निलंबित किया था। इसके बाद राहुल सिंह को इसी कोतवाली में अपराध निरीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है।

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