आसिम मुनीर पर कथित साजिश का दावा

ब्राजील के पत्रकार पेपे एस्कोबार ने दावा किया है कि जिनेवा में ईरान-अमेरिका वार्ता के दौरान पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और उनके प्रतिनिधिमंडल को निशाना बनाने की कथित योजना बनाई गई थी। हालांकि इस दावे की किसी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है और पाकिस्तान तथा इजरायल दोनों ने इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

आसिम मुनीर पर कथित साजिश का दावा

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 25 जून 2026

पत्रकार के दावे से बढ़ी चर्चा

ब्राजील के पत्रकार और जियो-स्ट्रैटेजिक विश्लेषक पेपे एस्कोबार के एक दावे ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। एस्कोबार ने आरोप लगाया है कि इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और उनके प्रतिनिधिमंडल को निशाना बनाने की कथित योजना बनाई थी। हालांकि इस दावे की किसी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है।

पॉडकास्ट में किया गया दावा

पेपे एस्कोबार ने यह दावा राजनीतिक टिप्पणीकार मारियो नवाफ़ल के पॉडकास्ट में किया। उनके अनुसार पाकिस्तान की सैन्य खुफिया एजेंसियों को ऐसी जानकारी मिली थी कि जिनेवा में होने वाली उच्चस्तरीय वार्ताओं के दौरान आसिम मुनीर और पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों को निशाना बनाया जा सकता है।एस्कोबार ने दावा किया कि यह कथित योजना उस समय बनाई गई जब पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच संवाद को आगे बढ़ाने की कोशिशों में शामिल था।

ईरान अमेरिका वार्ता से जुड़ा मामला

रिपोर्टों के अनुसार पाकिस्तान हाल के महीनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम कराने के प्रयासों में मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा था। दोनों पक्षों के बीच प्रारंभिक समझौते को कथित तौर पर "इस्लामाबाद मेमोरैंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग" नाम दिया गया था और आगे की बातचीत जिनेवा में हुई थी।इन वार्ताओं में कई वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय अधिकारी शामिल थे। इसी संदर्भ में एस्कोबार ने कथित साजिश का दावा किया।

पाकिस्तान की कथित प्रतिक्रिया

पेपे एस्कोबार के अनुसार कथित खतरे की जानकारी मिलने के बाद पाकिस्तान ने राजनयिक माध्यमों से कड़ा संदेश भेजा। उन्होंने दावा किया कि मध्यस्थों के जरिए इजरायल को चेतावनी दी गई थी कि यदि पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई तो गंभीर परिणाम होंगे।हालांकि इस दावे की पुष्टि किसी आधिकारिक दस्तावेज या सरकारी बयान से नहीं हुई है।

दावे के समर्थन में कोई सार्वजनिक प्रमाण नहीं

महत्वपूर्ण बात यह है कि एस्कोबार के आरोपों के समर्थन में अब तक कोई सार्वजनिक साक्ष्य सामने नहीं आया है। न तो पाकिस्तान सरकार और न ही पाकिस्तान सेना ने इस दावे की पुष्टि की है। वहीं इजरायल की ओर से भी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है।

पाकिस्तानी पत्रकारों ने किया खारिज

पाकिस्तान के कई वरिष्ठ पत्रकारों और विश्लेषकों ने इस दावे को खारिज किया है। डिजिटल समाचार मंच "द करंट" के अनुसार कई पत्रकारों ने इसे तथ्यों से रहित बताया है।वरिष्ठ पत्रकार सैयद तलत हुसैन ने भी सामाजिक मंच एक्स पर इस कथित साजिश को नकारते हुए कहा कि ऐसा कोई घटनाक्रम नहीं हुआ था। उन्होंने इसे पूरी तरह निराधार बताया।

कूटनीतिक तनाव के बीच सामने आया दावा

इजरायल और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। पाकिस्तान इजरायल को आधिकारिक मान्यता भी नहीं देता है। हाल के वर्षों में दोनों देशों के नेताओं और अधिकारियों के बीच कई मुद्दों पर तीखी बयानबाजी भी देखने को मिली है।मौजूदा क्षेत्रीय तनाव और ईरान से जुड़े घटनाक्रमों के बीच इस तरह के दावों ने नई बहस को जन्म दिया है। हालांकि जब तक कोई आधिकारिक पुष्टि या ठोस साक्ष्य सामने नहीं आते, तब तक इस कथित साजिश को केवल एक अपुष्ट दावा ही माना जाएगा।