धामी सरकार का बड़ा फैसला, विकास कार्यों के लिए 1096 करोड़ रुपये मंजूर, शिक्षा से लेकर कुम्भ तक शामिल

उत्तराखंड सरकार ने राज्य में विकास कार्यों को गति देने के लिए १०९६ करोड़ रुपये की बड़ी धनराशि मंजूर की है। इस फैसले में शिक्षा, ग्रामीण विकास, शहरी निकायों और २०२७ हरिद्वार महाकुम्भ की तैयारियों को शामिल किया गया है। सरकार के इस निर्णय से राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने और विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

धामी सरकार का बड़ा फैसला, विकास कार्यों के लिए 1096  करोड़ रुपये मंजूर, शिक्षा से लेकर कुम्भ तक शामिल

दि राइजिंग न्यूज | 9 मई 2026 ।

उत्तराखंड सरकार ने राज्य में विकास कार्यों को तेज करने के लिए बड़ा निर्णय लेते हुए कुल १०९६ करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में लिए गए इस फैसले में ग्रामीण विकास, शहरी ढांचा, शिक्षा व्यवस्था और २०२७ महाकुम्भ की तैयारियों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इस निर्णय को राज्य के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मजबूत संपर्क व्यवस्था

राज्य सरकार ने ग्रामीण इलाकों में आवागमन को बेहतर बनाने के लिए कई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। नैनीताल जिले के कोटाबाग क्षेत्र में गुरुणी नाले पर पुल निर्माण के लिए ९.४३ करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह पुल लंबे समय से स्थानीय लोगों की आवश्यकता था। बरसात के मौसम में इस क्षेत्र में आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो जाती थी। पुल बनने से गांवों का संपर्क बेहतर होगा और लोगों को सुरक्षित यात्रा की सुविधा मिलेगी। इससे स्थानीय विकास गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।


पर्यटन और शहरी विकास पर सरकार का जोर

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुक्तेश्वर क्षेत्र में कार पार्किंग निर्माण के लिए ९.८९ करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। यह क्षेत्र एक प्रमुख पर्यटन स्थल है जहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। पार्किंग की कमी के कारण लंबे समय से जाम और अव्यवस्था की स्थिति बनी रहती थी। नई पार्किंग सुविधा बनने से यातायात व्यवस्था सुधरेगी और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा। इससे स्थानीय व्यापार को भी लाभ होगा।


शहरी और पंचायत स्तर पर बड़ा बजट वितरण

छठे राज्य वित्त आयोग के तहत शहरी स्थानीय निकायों को पहली तिमाही के लिए ३३१.२७ करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके अलावा गैर-निर्वाचित निकायों के लिए भी अलग से धनराशि स्वीकृत की गई है। वहीं पंचायत स्तर पर जिला, क्षेत्र और ग्राम पंचायतों के लिए कुल ३५२.२७ करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इस राशि का उपयोग सड़क निर्माण, जल आपूर्ति, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास में किया जाएगा। इससे ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलने की संभावना है।


शिक्षा क्षेत्र को मिली बड़ी आर्थिक राहत

सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए भी बड़ा कदम उठाया है। सहायता प्राप्त गैर-सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन के लिए १६० करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा के लिए पहले छह महीनों में ३०० करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस फैसले से हजारों शिक्षकों को समय पर वेतन मिलने में मदद मिलेगी और शिक्षा व्यवस्था में स्थिरता आएगी।


2027 महाकुम्भ की तैयारियों में तेजी

हरिद्वार में 2027 में होने वाले महाकुम्भ को ध्यान में रखते हुए सरकार ने शहर के कई प्रमुख मार्गों और चौराहों के सुधार के लिए बजट जारी किया है। शंकराचार्य चौक, देवपुरा चौक और अन्य प्रमुख स्थानों के विकास पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आधुनिक सड़क सफाई मशीनों की खरीद की जाएगी। इससे महाकुम्भ के दौरान आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।


राज्य के समग्र विकास की दिशा में बड़ा कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि यह वित्तीय स्वीकृति उत्तराखंड के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है। एक साथ शिक्षा, पर्यटन, ग्रामीण विकास और धार्मिक आयोजन की तैयारी पर ध्यान देने से राज्य की आधारभूत संरचना मजबूत होगी। सरकार का यह निर्णय आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को विकास के नए स्तर पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।