दिवाली पर मुनाफे के लिए शुरू की कमल की खेती:शामली के किसान बोले, 60-70 रुपये किलो का मिलता दाम, लागत से दोगुना मुनाफा
दिवाली पर मुनाफे के लिए शामली के किसानों ने परंपरागत खेती को छोड़कर कमल के फूलों की खेती करनी शुरू की। जिससे शादियों के सीजन व दिवाली पर अच्छा मुनाफा कमाया। दिवाली पर 15 दिन पहले ही कमल के फूलों को तोड़कर थर्माकोल के बॉक्स में पैक कर देते हैं और घर पर ही बने स्टोर रूम में रख देते हैं। दिवाली से दो दिन पहले इन फूलों को दिल्ली की चांदनी चौक फूल मंडी में पहुंचाते हैं। जहां इन्हें 60 रुपये किलो तक के दाम मिल जाते हैं। तीनों किसानों का नाम संजय सैनी, आकाश सैनी और रजनीश सैनी है। ये जिला मुख्यालय से करीब 37 किमी दूर सदर तहसील के कादरपुर गांव में रहते हैं। भास्कर टीम कादरपुर गांव पहुंची और किसानों से बात की। पढ़िए गांव से रिपोर्ट… दो तस्वीरें देखें अब गांव से रिपोर्ट पढ़िए कादरपुर गांव में रहने वाले संजय सैनी, आकाश सैनी और रजनीश सैनी 20-20 बीघे में खेती करते हैं। कमल के साथ तीनों किसान रजनीगंधा की खेती भी करते हैं। किसान संजय सेनी ने बताया- उन्होंने करीब 20 बीघा जमीन में कमल और रजनीगंधा की खेती शुरू की है। पहले हम लोग सब्जी की खेती करते थे। लेकिन उसमें मुनाफा नहीं होता था। जिसके चलते 5 साल पहले फूलों की खेती शुरू की। संजय बोले- सहारनपुर के किसानों से सीखा संजय बताते हैं कि मुझे सहारनपुर के किसानों से प्रेरणा मिली। वहां के किसानों को फूलों की खेती से अच्छी आमदनी करते देखकर उन्होंने भी इस दिशा में कदम बढ़ाया। इसके बाद सहारनपुर के किसानों से संपर्क कर खेती के तरीके और फसल की देखभाल की जानकारी जुटाई। संजय बताते हैं कि फूलों की खेती की शुरुआत मैंने ही की थी। इसके बाद मुनाफा हुआ तो बाकी आकाश सैनी और रजनीश को भी फूलों की खेती करने के लिए प्रेरित किया। 50-60 हजार लागत, 6 महीने में होता है दोगुना मुनाफा एक बीघे में कमल की खेती करने में करीब 50 से 60 हजार की लागत आती है। मई-जून के महीने में बुवाई करते हैं। 5 से 6 महीने मे फसल तैयार हो जाती है। अक्टूबर- नवंबर में फसल तैयार हो जाती है। दिवाली और दिवाली के बाद शादियों के सीजन में मार्केट में फूल भेज दिए जाते हैं। एक बीघे में करीब 80 हजार से एक लाख तक की कमाई होती है। आकाश बोले- नानौता ये लाया कमल के बेल-बीज आकाश सैनी ने बताया- नानौता क्षेत्र से कमल की बेल और बीज लेकर खेती की शुरुआत की। एक बेल करीब 40 से 50 रुपये में मिलती है। पहले बेल तैयार की और फिर उसे खेत में लगाया। धीरे-धीरे खेती का रकबा बढ़ाया। पिछले दो साल से कमल के फूलों के साथ रजनीगंधा की खेती भी करपने लगा हूं। दोनों से अच्छी आमदनी हो रही है। आकाश बताते हैं- सामान्य दिनों में कमल के फूल की कीमत 40 से 50 रुपये प्रति फूल तक मिलती है। शादी के सीजन में ये रेट 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाता है। दीपावली पर मांग बढ़ते ही एक-एक किलो फूल का भाव 60 रुपये तक पहुंच जाता है। वहीं, रजनीगंधा की कीमत सामान्य दिनों में करीब 80 रुपये प्रति किलो तक रहती है।शादी-विवाह के सीजन में मांग बढ़ने पर यही फूल 150 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक जाता है। ----- ये खबर भी पढ़ें दीपावली पर 10 मिनट में लक्ष्मी पूजा करने की विधि:जानिए घर, दुकान और ऑफिस में पूजा मुहूर्त; पूजन सामग्री और लक्ष्मी जी की आरती 8 नवंबर, रविवार को दिवाली पर लक्ष्मी पूजा के कुल 9 मुहूर्त रहेंगे। आप घर पर और पेशे के अनुसार ऑफिस या दुकान पर पूजा कर सकते हैं। दैनिक भास्कर बता रहा है लक्ष्मी पूजा की सही विधि। इससे 10 मिनट में लक्ष्मी–गणेश का संपूर्ण पूजन कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें
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