एक ही परिवार के 9 लोगों को 7-7 साल जेल:मऊ में रास्ते के विवाद में महिला की हत्या की था, प्रत्येक पर 10,500 का जुर्माना

Oct 27, 2026 - 21:28
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एक ही परिवार के 9 लोगों को 7-7 साल जेल:मऊ में रास्ते के विवाद में महिला की हत्या की था, प्रत्येक पर 10,500 का जुर्माना
मऊ जिले के मुहम्मदाबाद गोहना थाना क्षेत्र में रास्ते के विवाद को लेकर महिला की गैर इरादतन हत्या के मामले में अदालत ने एक ही परिवार के नौ दोषियों को सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश दीपनारायण तिवारी की अदालत ने मंगलवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया। न्यायालय ने प्रत्येक दोषी पर 10,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दोषियों को एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष के अनुसार, मुहम्मदाबाद गोहना थाना क्षेत्र के ढांढाचंवर गांव निवासी वीरबल चौहान ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में बताया गया कि 23 जून 2017 को रास्ते के विवाद को लेकर प्रभु चौहान, उमा चौहान, मल्लू चौहान, प्रेम चौहान, वीरेंद्र चौहान, चंदन चौहान, कपिल चौहान, मनीष चौहान और राजकुमार चौहान ने एकराय होकर लाठी-डंडों से हमला कर दिया था। इस हमले में सोनरमी देवी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने मामले की विवेचना की और आरोपियों के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। 12 गवाहों की गवाही के बाद सुनाया फैसला मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार पाण्डेय ने कुल 12 गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने सभी नौ आरोपियों को दोषी करार दिया। न्यायालय ने प्रभु चौहान पुत्र स्वर्गीय कांता चौहान, उमा चौहान पुत्र स्वर्गीय कांता चौहान, मल्लू चौहान पुत्र स्वर्गीय अतरू चौहान, प्रेम चौहान पुत्र मल्लू चौहान, वीरेंद्र चौहान पुत्र बैजनाथ चौहान, चंदन चौहान पुत्र प्रभु चौहान, कपिल चौहान पुत्र मल्लू चौहान, मनीष चौहान पुत्र बलिराम और राजकुमार चौहान पुत्र मल्लू चौहान, सभी निवासी ग्राम ढांढाचंवर, थाना मुहम्मदाबाद गोहना को सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया।इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 10,500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

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