गंगा में डूबे तीन मासूम, गांव में पसरा मातम

बिहार की राजधानी पटना के हेतनपुर गंगा घाट पर नहाने के दौरान तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई। ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। प्रशासन ने परिजनों को सहायता राशि देने की घोषणा की है।

गंगा में डूबे तीन मासूम, गांव में पसरा मातम

दि राइजिंग न्यूज़ | पटना | 22 जून 2026

गंगा में नहाने के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा

बिहार की राजधानी पटना के दियारा क्षेत्र स्थित हेतनपुर गंगा घाट पर रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। गंगा में नहाने गए तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और मृतक बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।जानकारी के अनुसार तीनों बच्चे अपने अन्य दोस्तों के साथ गंगा घाट पर स्नान करने पहुंचे थे। नहाने के दौरान अचानक वे गहरे पानी में चले गए। कुछ ही क्षणों में तीनों डूबने लगे। उनके साथ मौजूद बच्चों ने मदद के लिए शोर मचाया, जिसके बाद आसपास मौजूद ग्रामीण मौके की ओर दौड़े।

ग्रामीणों ने बचाने की पूरी कोशिश की

बच्चों के डूबने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घाट पर पहुंच गए और तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने तीनों बच्चों को गंगा नदी से बाहर निकाला। उस समय उनकी हालत बेहद गंभीर थी।ग्रामीणों ने समय गंवाए बिना तीनों बच्चों को दानापुर अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बच्चों की जांच की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।

तीनों बच्चे एक ही गांव के रहने वाले थे

हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों की पहचान धर्मवीर राय के 10 वर्षीय पुत्र पीयूष कुमार, सत्येंद्र राय के पुत्र तेज कुमार और अमिताभ बच्चन राय के पुत्र प्रिंस कुमार के रूप में हुई है। तीनों शाहपुर थाना क्षेत्र के हेतनपुर गांव के निवासी थे और एक साथ गंगा स्नान करने गए थे।स्थानीय लोगों के अनुसार तीनों बच्चे आपस में परिचित थे और अक्सर साथ खेलते थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि सामान्य रूप से शुरू हुआ यह दिन इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगा।

अस्पताल में मचा कोहराम

घटना की सूचना जैसे ही परिजनों तक पहुंची, वे तुरंत अस्पताल पहुंचे। अपने मासूम बच्चों के शव देखकर परिवार के लोगों की चीख-पुकार से अस्पताल परिसर गूंज उठा। माताओं और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।अस्पताल में मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। वहीं, गांव में भी शोक का माहौल छा गया। ग्रामीणों ने बताया कि एक साथ तीन बच्चों की मौत से पूरा गांव सदमे में है।

प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची

घटना की जानकारी मिलते ही अंचल अधिकारी चंदन कुमार और शाहपुर थाना अध्यक्ष नवीन कुमार सिंह अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और पूरे मामले की जानकारी ली।पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों और परिस्थितियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

परिजनों को मिलेगी आर्थिक सहायता

अंचल अधिकारी चंदन कुमार ने बताया कि गंगा में डूबने से तीन बच्चों की मौत हुई है। प्रशासन की ओर से तत्काल राहत के रूप में प्रत्येक मृतक के परिजनों को 20-20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है।उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त राज्य सरकार के प्रावधानों के अनुसार मिलने वाली अनुग्रह राशि भी पीड़ित परिवारों को उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन ने परिवारों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।

गांव में पसरा मातम

एक ही गांव के तीन बच्चों की असमय मौत ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है। गांव में लोगों के घरों में चूल्हे तक नहीं जले और हर ओर मातम का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने प्रशासन से गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।