जिंदा लौट आया तेरहवीं वाला गिरधारी

गाजियाबाद में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिस व्यक्ति को परिवार मृत मानकर अंतिम संस्कार कर चुका था और जिसकी तेरहवीं तक हो गई थी, वह 39 दिन बाद अचानक घर लौट आया। गिरधर सिंह बिष्ट के जीवित लौटने के बाद पुलिस जांच, पोस्टमार्टम और अज्ञात शव की पहचान को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

जिंदा लौट आया तेरहवीं वाला गिरधारी

दि राइजिंग न्यूज़ | गाजियाबाद | 27 जून 2026

गाजियाबाद से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने परिवार, पुलिस और पूरे इलाके को हैरानी में डाल दिया है। जिस व्यक्ति को मृत मानकर उसके परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया था, जिसकी तेरहवीं तक की सभी रस्में पूरी हो चुकी थीं और जिसकी कथित हत्या के मामले में मुकदमा भी दर्ज हो गया था, वह 39 दिन बाद अचानक अपने घर लौट आया।इस घटना के बाद न केवल परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा, बल्कि पुलिस के सामने भी कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि गिरधर सिंह बिष्ट जीवित हैं, तो जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया था, वह आखिर किसका था।

16 मई को शुरू हुई पूरी कहानी

कौशांबी थाना क्षेत्र के वैशाली स्थित कल्पना अपार्टमेंट में रहने वाले 38 वर्षीय गिरधर सिंह बिष्ट के साथ यह पूरा घटनाक्रम शुरू हुआ। परिजनों के अनुसार 16 मई को उनका कुछ स्थानीय दुकानदारों से विवाद हो गया था।सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शांति भंग की आशंका के तहत गिरधर को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई की। बाद में उन्हें डासना जेल भेज दिया गया।करीब पांच दिन बाद 21 मई को गिरधर जेल से रिहा हो गए, लेकिन वह अपने घर नहीं लौटे। इसके बाद परिवार ने रिश्तेदारों, परिचितों और विभिन्न स्थानों पर उनकी तलाश शुरू की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका।

परिवार की चिंता बढ़ती गई

दिन बीतने के साथ परिवार की चिंता और बढ़ती गई। गिरधर का कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजन लगातार उनकी खोजबीन करते रहे। कई स्थानों पर पूछताछ की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली।इसी बीच एक ऐसी घटना हुई जिसने पूरे परिवार को यह विश्वास दिला दिया कि गिरधर अब इस दुनिया में नहीं रहे।

अज्ञात शव को समझ लिया गिरधर

13 जून को मसूरी थाना क्षेत्र में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली। पुलिस ने शव की पहचान कराने के लिए परिजनों को बुलाया।परिवार ने शव को देखकर उसे गिरधर सिंह बिष्ट का शव मान लिया। पहचान की पुष्टि के बाद पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया।इसके बाद पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार किया गया। परिवार ने शोक सभाएं आयोजित कीं और तेरहवीं सहित सभी धार्मिक संस्कार पूरे किए।

हत्या का मुकदमा भी दर्ज कराया

परिजनों को गिरधर की मौत को लेकर संदेह था। उनका आरोप था कि गिरधर की हत्या की गई है। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए विरोध प्रदर्शन भी किया।बाद में मसूरी थाने में कुछ नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी और कई लोगों से पूछताछ भी की।इस दौरान कई परिवारों और व्यक्तियों पर संदेह की सुई घूमने लगी थी। जांच लगातार आगे बढ़ रही थी और मामला गंभीर रूप ले चुका था।

अचानक घर लौट आया गिरधर

घटना ने उस समय नाटकीय मोड़ ले लिया जब गुरुवार को गिरधर सिंह बिष्ट अचानक अपने घर पहुंच गए।घर के बाहर उन्हें देखकर पहले किसी को विश्वास ही नहीं हुआ। कुछ क्षणों बाद जब यह स्पष्ट हो गया कि सामने खड़ा व्यक्ति वास्तव में गिरधर ही है, तो परिवार की भावनाएं उमड़ पड़ीं।घर में मौजूद लोग रोने लगे। रिश्तेदार और पड़ोसी स्तब्ध रह गए। जिन लोगों ने कुछ दिन पहले उनके अंतिम संस्कार और तेरहवीं में भाग लिया था, वही लोग अब उन्हें जीवित देखकर हैरान थे।

पूरे इलाके में फैल गई खबर

गिरधर के लौटने की खबर कुछ ही देर में पूरे इलाके में फैल गई। कल्पना अपार्टमेंट और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की भीड़ जुटने लगी।हर कोई इस अविश्वसनीय घटना को अपनी आंखों से देखना चाहता था। लोग एक-दूसरे से केवल एक ही सवाल पूछ रहे थे कि यदि गिरधर जिंदा हैं तो फिर जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया, वह आखिर किसका था।

पुलिस के सामने खड़े हुए बड़े सवाल

इस पूरे मामले ने पुलिस जांच पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस को यह पता लगाना होगा कि अज्ञात शव की पहचान कैसे हुई और किन परिस्थितियों में उसे गिरधर का शव मान लिया गया।साथ ही उस अज्ञात मृतक की वास्तविक पहचान भी अब जांच का महत्वपूर्ण विषय बन गई है। पुलिस को यह भी स्पष्ट करना होगा कि गिरधर इन 39 दिनों के दौरान कहां थे और किन परिस्थितियों में उन्होंने परिवार से संपर्क नहीं किया।

रहस्य से घिरा पूरा मामला

गिरधर सिंह बिष्ट के जीवित लौटने के बाद यह मामला अब एक रहस्य बन गया है। एक ओर परिवार अपने सदस्य के वापस आने की खुशी मना रहा है, वहीं दूसरी ओर अज्ञात शव की पहचान और पहले दर्ज हत्या के मुकदमे को लेकर नई कानूनी और जांच संबंधी चुनौतियां सामने आ गई हैं।पुलिस अब गिरधर से विस्तृत पूछताछ कर रही है और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। आने वाले दिनों में जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर 39 दिनों तक गायब रहने के बाद गिरधर कहां थे और उस अज्ञात शव की वास्तविक पहचान क्या है, जिसने पूरे परिवार को शोक में डुबो दिया था।