पहलगाम आतंकी हमला-अमरनाथ यात्रा थी असली निशाना?
दि राइजिंग न्यूज। 25 अप्रैल 2025 । 22 अप्रैल को पहलगाम की हसीन वादियों में जो हुआ, उसने पूरे देश को हिला दिया। पर्यटकों पर हुए उस हमले ने 30 साल पुरानी एक डरावनी याद ताजा कर दी।
दि राइजिंग न्यूज। 25 अप्रैल 2025 ।
22 अप्रैल को पहलगाम की हसीन वादियों में जो हुआ, उसने पूरे देश को हिला दिया। पर्यटकों पर हुए उस हमले ने 30 साल पुरानी एक डरावनी याद ताजा कर दी।
जंगलों में छुपे थे खूनी साए
जांच एजेंसियों के मुताबिक, ये आतंकी पिछले ढाई महीने से बैसरन घाटी के ऊपर जंगलों में छिपे थे। सर्दियों में बर्फ की चादर ओढ़े ये इलाके गर्मियों में आतंकियों का सबसे सुरक्षित ठिकाना बन जाते हैं।
PAK में ट्रेनिंग, KASHMIR में कत्लेआम
हमले में शामिल पांच आतंकियों में से तीन पाकिस्तान से आए थे और दो कश्मीर के लोकल थे। पाकिस्तान की सेना और लश्कर-ए-तैयबा द्वारा ट्रेंड किए गए ये आतंकी कमांडो स्टाइल ट्रेनिंग लेकर आए थे। बिना मोबाइल, बिना गैजेट... सिर्फ जंगलों के रास्ते।
अमरनाथ यात्रा थी असली निशाना?
सूत्रों की मानें तो इनका असली मकसद जुलाई में शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाना था। मगर उससे पहले ही उन्होंने पर्यटकों पर हमला कर दिया।
1995 की यादें फिर जिंदा हुईं
बिलकुल ऐसा ही कांड 4 जुलाई 1995 को भी हुआ था, जब विदेशी पर्यटकों को किडनैप कर लिया गया था। अब 30 साल बाद फिर पहलगाम आतंकियों का शिकार बना।
नए युग के आतंकी
इन आतंकियों ने अपने हथियारों और शरीर पर कैमरे लगा रखे थे, ताकि हमले की फुटेज का इस्तेमाल प्रचार के लिए किया जा सके।
जांच एजेंसियों का साझा मिशन
NIA, मिलिट्री, जम्मू-कश्मीर पुलिस और IB मिलकर इस हमले की तह तक जाने की कोशिश में जुटी हैं। आतंकियों के पैदल मूवमेंट को ट्रैक करने के लिए विशेष रणनीति अपनाई जा रही है।
हरकत में हैं जंगल के भूत
ये आतंकी लगातार जंगलों में चलते रहते हैं। ये न GPS रखते हैं, न मोबाइल। इनकी ट्रेनिंग ही ऐसी होती है कि इनका पीछा करना एक पहेली बन जाता है।