गोमतीनगर में रामलीला महोत्सव का समापन:लक्ष्मण शक्ति, कुंभकरण, मेघनाथ और रावण वध के प्रसंगों ने दर्शकों को भाव-विभोर किया
लखनऊ के गोमतीनगर में चल रही श्री रामलीला महोत्सव-2026 का पंचम एवं समापन दिवस मंचन के साथ संपन्न हो गया। अंतिम दिन लक्ष्मण शक्ति, कुंभकरण वध, मेघनाथ वध और रावण वध के प्रसंगों ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। मंचन की शुरुआत अंगद के राम दल में प्रवेश और रावण-मेघनाथ संवाद से हुई। युद्ध के दौरान लक्ष्मण के मूर्छित होने का दृश्य प्रभावी रहा। राम के विलाप ने माहौल को भावुक कर दिया। इसके बाद हनुमान सुषेन वैद्य को लेकर आए और संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण के प्राण बचाने का प्रसंग दिखाया गया। कुंभकरण और मेघनाथ का अंत रावण और कुंभकरण संवाद के बाद युद्ध का दृश्य मंचित हुआ। कुंभकरण वध के बाद मेघनाथ के साथ युद्ध दिखाया गया। मेघनाथ वध के प्रसंग में कलाकारों ने शानदार अभिनय किया। सुलोचना के विलाप और रावण से संवाद ने दर्शकों को भावुक कर दिया। इसके बाद सुलोचना राम दल में पहुंचीं और सती होने का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। रावण वध के बाद राम राज्याभिषेक अंतिम चरण में राम और रावण का युद्ध हुआ। रावण वध के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। इसके बाद राम राज्याभिषेक का दृश्य मंचित हुआ। दर्शकों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। मुख्य अतिथि विधायक ओपी श्रीवास्तव और विशिष्ट अतिथि विराज सागर दास, मोहम्मद अली खान, सोनिया यादव व समता बाफिला ने कलाकारों के अभिनय की सराहना की। अतिथियों ने इसे शहर की श्रेष्ठ रामलीलाओं में शामिल बताया। कलाकारों ने कई रागों पर आधारित चौपाइयां गाईं समिति अध्यक्ष ख्याली सिंह कड़ाकोटी और महासचिव पुष्कर सिंह नयाल ने अतिथियों का स्वागत किया। सांस्कृतिक सचिव आनंद सिंह कपकोटी के निर्देशन में कलाकारों ने विभिन्न रागों पर आधारित चौपाइयां गाईं। हारमोनियम पर गणेश चंद्र जोशी और तबले पर गौरव बाजपेयी ने संगत दी। राम की भूमिका नेहा सिंह, लक्ष्मण निक्की सिंह, सीता विधि जोशी, रावण केडी जोशी, हनुमान आनंद सिंह कपकोटी, मेघनाथ टीडी कांडपाल, सुलोचना भारती काण्डपाल और कुंभकरण की भूमिका ख्याली सिंह कड़ाकोटी ने निभाई।
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