हापुड़ के 1 हजार व्यापारियों को मिलेगी राहत:10 करोड़ के बकाये पर ब्याज में 50 से 100% तक छूट, अर्थदंड भी होगा माफ
हापुड़ में पुराने कर बकाये के बोझ से परेशान जिले के करीब एक हजार व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार की ब्याज माफी योजना-2026 के तहत करीब 10 करोड़ रुपये के बकाये पर व्यापारियों को ब्याज में 50 से 100 प्रतिशत तक छूट मिलेगी। इसके साथ ही बकाया जमा नहीं करने पर लगाए गए अर्थदंड को भी पूरी तरह माफ करने का प्रावधान है। हालांकि, योजना का लाभ लेने के लिए मूलधन जमा करना अनिवार्य होगा। योजना में बकाये की राशि के आधार पर ब्याज माफी का प्रावधान किया गया है। 10 लाख रुपये तक के बकाये पर 100 प्रतिशत, 10 लाख से एक करोड़ रुपये तक 90 प्रतिशत, एक से पांच करोड़ रुपये तक 75 प्रतिशत और पांच करोड़ रुपये से अधिक के बकाये पर 50 प्रतिशत ब्याज माफ होगा। बकाया जमा नहीं करने पर लगाया गया अर्थदंड भी पूरी तरह माफ किया जाएगा। हालांकि, अन्य प्रकार के अर्थदंड इस योजना के दायरे में शामिल नहीं हैं। आवेदन में मदद के लिए बनाई हेल्प डेस्क योजना की जानकारी देने और आवेदन प्रक्रिया में व्यापारियों की मदद के लिए राज्य कर विभाग ने रेवती कुंज स्थित कार्यालय में हेल्प डेस्क बनाई है। यहां रोजाना एक उपायुक्त और एक राज्य कर अधिकारी तैनात रहेंगे। उपायुक्त लालचंद्र के अनुसार, योजना में 31 दिसंबर 2025 तक पुराने कर कानूनों के तहत बने बकाये शामिल किए गए हैं। पात्र व्यापारी निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर योजना का लाभ ले सकते हैं। 15 दिन में बकाये का होगा सत्यापन व्यापारियों को राज्य कर विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। मूलधन और योजना के तहत देय राशि जमा करने के बाद संबंधित कर निर्धारण अधिकारी 15 दिन के भीतर बकाये का सत्यापन करेंगे। आवेदन सही पाए जाने पर व्यापारी को आरसी मुक्त होने का प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। जिन व्यापारियों ने पहले ही मूल बकाये की पूरी या कुछ राशि जमा कर दी है, वे भी निर्धारित शर्तों के अनुसार योजना का लाभ ले सकेंगे। इन करों के बकाये होंगे शामिल योजना के दायरे में व्यापार कर, वैट, केंद्रीय बिक्री कर, प्रवेश कर, मनोरंजन कर और विलासिता कर के बकाये शामिल हैं। योजना से संबंधित जानकारी या आवेदन प्रक्रिया में सहायता के लिए व्यापारी मोबाइल नंबर 7235002819 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा रेवती कुंज स्थित राज्य कर विभाग की हेल्प डेस्क पर पहुंचकर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
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