सीएम मान ने धामी से की बात, दो निहंग छत से नीचे उतरे
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर स्थित एक गुरुद्वारे को लेकर विवाद जारी है। निहंग श्रद्धालुओं और गुरुद्वारा प्रबंधन के बीच शुरू हुए टकराव के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बातचीत कर मामले की जानकारी ली है।
दि राइजिंग न्यूज़ | रुद्रप्रयाग | 23 जून 2026
गुरुद्वारा विवाद पर दोनों राज्यों की नजर
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर स्थित एक गुरुद्वारे को लेकर शुरू हुआ विवाद लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। निहंग श्रद्धालुओं और गुरुद्वारा प्रबंधन के बीच पैदा हुए तनाव ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है और पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मुख्यमंत्री मान ने धामी से की बातचीत
विवाद को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत की।इस दौरान उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली और आग्रह किया कि किसी भी निर्णय से पहले दोनों पक्षों की बात निष्पक्ष रूप से सुनी जाए। उन्होंने कहा कि समाधान ऐसा होना चाहिए जिससे किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे।
शांति और संयम बनाए रखने की अपील
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उत्तराखंड में रह रही सिख संगत से भी शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है।उन्होंने कहा कि यह एक संवेदनशील धार्मिक मामला है और इसका समाधान केवल संवाद, आपसी समझ और शांतिपूर्ण बातचीत के माध्यम से ही निकाला जा सकता है। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि आवश्यकता पड़ने पर पंजाब सरकार हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है।
20 जून से शुरू हुआ था विवाद
जानकारी के अनुसार यह विवाद 20 जून से शुरू हुआ था। गुरुद्वारा प्रबंधन और कुछ निहंग श्रद्धालुओं के बीच किसी मुद्दे को लेकर मतभेद पैदा हुआ, जो बाद में टकराव में बदल गया।विवाद बढ़ने के बाद कुछ निहंग श्रद्धालु गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए और वहां डटे रहे। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
प्रबंधन और निहंगों के बीच आरोप-प्रत्यारोप
मामले में दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है।बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान गुरुद्वारे के सेवादारों के साथ धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार की शिकायतें भी सामने आईं। वहीं दूसरी ओर निहंग श्रद्धालुओं की ओर से भी अपनी बात रखी जा रही है, जिस पर प्रशासन बातचीत के माध्यम से समाधान तलाशने का प्रयास कर रहा है।
दो निहंग नीचे उतरे
ताजा घटनाक्रम में स्थिति कुछ हद तक सामान्य होती दिखाई दी है।पहले एक निहंग श्रद्धालु के छत से नीचे उतरने के बाद अब एक और निहंग नीचे आ गया है। इस तरह कुल सात में से दो निहंग छत छोड़ चुके हैं, जबकि अभी भी पांच निहंग गुरुद्वारे की छत पर मौजूद हैं।प्रशासन इसे सकारात्मक संकेत मान रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि शेष लोगों को भी बातचीत के जरिए नीचे लाया जा सकेगा।
सुरक्षा एजेंसियां मौके पर तैनात
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल की टीमें मौके पर पहुंच गई थीं।किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात की निगरानी कर रही हैं।
बातचीत के जरिए समाधान की कोशिश
प्रशासन दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों से लगातार संपर्क बनाए हुए है।अधिकारियों का कहना है कि विवाद को बल प्रयोग के बजाय संवाद और सहमति के माध्यम से सुलझाने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए कई दौर की बातचीत भी की जा चुकी है।
गतिरोध पूरी तरह समाप्त नहीं
हालांकि दो निहंगों के नीचे उतरने के बाद हालात में कुछ सुधार जरूर दिखाई दिया है, लेकिन विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।गुरुद्वारे की छत पर अभी भी पांच निहंग मौजूद हैं और प्रशासन उनकी सुरक्षित वापसी तथा विवाद के स्थायी समाधान के लिए प्रयासरत है।
धार्मिक सौहार्द बनाए रखने पर जोर
पूरा मामला धार्मिक आस्था और संवेदनशीलता से जुड़ा होने के कारण प्रशासन बेहद सतर्कता बरत रहा है।पंजाब और उत्तराखंड सरकार दोनों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि बातचीत के जरिए ऐसा समाधान निकाला जाएगा जिससे सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान हो सके और क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल रहे।