हरियाणा का नेशनल रेसलर ड्रग तस्करी में अरेस्ट:झारखंड से लाकर अखाड़ों में सप्लाई किया; महाबली सतपाल के अखाड़े में प्रेक्टिस की
हरियाणा निवासी नेशनल लेवल के रेसलर रहे अमित श्योराण को नशा तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रॉन्च और झारखंड पुलिस के जॉइंट एक्शन में मधुबन चौक मेट्रो स्टेशन के पास से 18 अगस्त की रात को पकड़ा। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि श्योराण दिल्ली और हरियाणा के अखाड़ों में पहलवानों को अफीम सप्लाई करता था। वो झारखंड के तस्कर राजेश नाग के नेटवर्क का हिस्सा था। झारखंड पुलिस ने पहले नाग को अरेस्ट किया था। उसी ने अमित श्योराण और रंजीत के नाम लिए थे। अमित ने 2013 में नेशनल कैडेट कुश्ती प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। वो 17 साल की उम्र में रोहतक के मेहर सिंह अखाड़े से जुड़ा। फिर 20 साल की उम्र में छत्रसाल स्टेडियम से जुड़ा। छत्रसाल स्टेडियम के अखाड़े से महाबली सतपाल सिंह लंबे समय तक जुड़े रहे। यहीं से ओलिंपियन सुशील कुमार व योगेश्वर जैसे दिग्गज रेसलर निकले। सतपाल रेलसर सुशील कुमार के कोच व ससुर हैं।
दिल्ली क्राइम ब्रांच के स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस एचजीएस धालीवाल के मुताबिक श्योराण कुश्ती छोड़कर नशे के धंधे में उतर गया था। उस पर झारखंड के धुर्वा थाने में NDPS एक्ट में मामला दर्ज है, 6 दिसंबर 2023 को अपराधी घोषित किया गया। कोर्ट से भगोड़ा घोषित करने के बाद ही पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अमित श्योराण पर 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं। अब जानिए…अमित के ड्रग नेटवर्क से जुड़ने की कहानी अमित ने 2008 में कुश्ती शुरू की: अमित का जन्म 1994 में रोहतक में हुआ था। पिता खेतीबाड़ी करते तो मां गृहिणी हैं। 14 साल की उम्र में 2008 में कुश्ती शुरू की। इसके बाद कई साल लगातार प्रैक्टिस की और कई स्टेट व नेशनल लेवल की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। 17 साल की उम्र में रोहतक के मेहर सिंह अखाड़े से जुड़ा। 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। नेशनल लेवल पर ब्रॉन्ज मेडल जीता: पुलिस पूछताछ में सामने आया, अमित 2013 में कन्याकुमारी में हुई नेशनल कैडेट रेसलिंग चैंपियनशिप में तीसरा स्थान हासिल किया था। इसके बाद कुछ सालों तक उसने कुश्ती जारी रखी। 20 साल की उम्र में छत्रपाल स्टेडियम से जुड़ा। वह रेलवे में नौकरी करना चाहता था, लेकिन आपराधिक मामलों में नाम आने की वजह से दिल्ली के बार और नाइट क्लब में बाउंसर की नौकरी करने लगा। पहलवानों से संपर्क, फिर अफीम की सप्लाईः पूछताछ में अमित ने बताया कि अखाड़ों में कई पहलवान प्रैक्टिस का समय बढ़ाने के लिए अफीम लेते थे। इसी दौरान उसकी मुलाकात रंजीत से हुई, जो दिल्ली समेत कई राज्यों के अखाड़ों में अफीम सप्लाई करता था। रंजीत ने जल्दी पैसा कमाने का लालच देकर अमित को भी ड्रग्स सप्लाई के काम में लगा दिया। इसके बाद वह रांची जाकर राजेश नाग से अफीम लाता और हरियाणा-दिल्ली के पहलवानों को सप्लाई करने लगा। NDPS केस में गिरफ्तारी, जमानत भी खारिजः अमित को दिल्ली में NDPS के एक मामले में गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसके सप्लायर राजेश नाग को 20 अप्रैल 2023 को झारखंड से 492 ग्राम अफीम के साथ गिरफ्तार किया गया। अमित ने सेशन कोर्ट और झारखंड हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका लगाई, लेकिन दोनों जगह से उसकी जमानत खारिज हो गई।
पहले से 6 आपराधिक मामलों में आरोपी दिल्ली क्राइम ब्रांच के मुताबिक अमित श्योराण पहले से 6 आपराधिक मामलों में आरोपी है। इनमें हत्या के प्रयास, हत्या, हथियार रखने, धोखाधड़ी और NDPS एक्ट के मामले शामिल हैं। साल 2014 में रानी बाग थाने में हत्या के प्रयास समेत IPC की धाराओं में पहला केस दर्ज हुआ। फिर 2016 में सुभाष प्लेस थाने में आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ। साल 2021 में कंझावला थाने में मर्डर, साजिश और आर्म्स एक्ट और दिल्ली क्राइम ब्रांच में धोखाधड़ी, साजिश और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ। साल 2023 में क्राइम ब्रांच में NDPS एक्ट की धारा 18 के तहत केस दर्ज हुआ। उसी साल झारखंड के तुपुदाना थाने में NDPS एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस हुआ। हालांकि पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि इनमें से कितने मामलों में आरोप सिद्ध हुए या कोर्ट में विचाराधीन हैं।
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