एआई की दौड़ में भारत को बड़ा झटका

दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार भारत को पीछे छोड़कर दुनिया का छठा सबसे बड़ा शेयर बाजार बन गया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और चिप निर्माण क्षेत्र में बढ़त के कारण दक्षिण कोरिया और ताइवान ने भारतीय बाजार को पछाड़ दिया है।

एआई की दौड़ में भारत को बड़ा झटका

दि राइजिंग न्यूज़। मुंबई। 3 जून 2026

वैश्विक शेयर बाजारों की रैंकिंग में भारत को एक और झटका लगा है। दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार भारत को पीछे छोड़कर दुनिया का छठा सबसे बड़ा शेयर बाजार बन गया है, जबकि भारत सातवें स्थान पर खिसक गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और चिप निर्माण क्षेत्र में दक्षिण कोरिया और ताइवान की मजबूत स्थिति ने उन्हें बढ़त दिलाई है। भारतीय शेयर बाजार को वैश्विक स्तर पर एक और बड़ा झटका लगा है। दुनिया के सबसे बड़े शेयर बाजारों की सूची में भारत अब सातवें स्थान पर पहुंच गया है। हाल ही में ताइवान द्वारा भारत को पीछे छोड़ने के बाद अब दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार भी भारतीय बाजार से आगे निकल गया है।

दक्षिण कोरिया ने भारत को पीछे छोड़ा

ताजा आंकड़ों के अनुसार दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार का कुल बाजार पूंजीकरण बढ़कर लगभग 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। इसके मुकाबले भारतीय शेयर बाजार का कुल मूल्य घटकर करीब 4.8 ट्रिलियन डॉलर रह गया है। इस बदलाव के बाद दक्षिण कोरिया दुनिया का छठा सबसे बड़ा शेयर बाजार बन गया है, जबकि भारत सातवें स्थान पर पहुंच गया है। कुछ समय पहले ताइवान ने भी भारत को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष पांच सबसे बड़े शेयर बाजारों की सूची से बाहर कर दिया था।

अर्थव्यवस्था बड़ी, फिर भी बाजार पीछे

दिलचस्प बात यह है कि भारतीय अर्थव्यवस्था दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था से कहीं अधिक बड़ी मानी जाती है। अंतरराष्ट्रीय अनुमानों के अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था का आकार इस वर्ष 4 ट्रिलियन डॉलर से अधिक रहने की उम्मीद है, जबकि दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर के आसपास आंकी जा रही है। इसके बावजूद शेयर बाजार के मूल्यांकन में भारत पीछे रह गया है, जिससे निवेशकों और आर्थिक विशेषज्ञों के बीच चर्चा तेज हो गई है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने बदला खेल

विशेषज्ञों के अनुसार इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षेत्र में तेजी से बढ़ता निवेश है। दक्षिण कोरिया और ताइवान की कई बड़ी कंपनियां वैश्विक स्तर पर चिप निर्माण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों की प्रमुख आपूर्तिकर्ता हैं। दक्षिण कोरिया की प्रमुख तकनीकी कंपनियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी मांग में बढ़ोतरी का बड़ा लाभ उठाया है। वहीं ताइवान भी चिप निर्माण उद्योग में अपनी मजबूत स्थिति के कारण लगातार निवेश आकर्षित कर रहा है।

भारतीय बाजार किन चुनौतियों से जूझ रहा

भारतीय शेयर बाजार इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली, रुपये की कमजोरी, ऊर्जा लागत में बढ़ोतरी और आय वृद्धि की धीमी रफ्तार जैसे कारकों का असर बाजार पर दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में अभी ऐसी बहुत कम सूचीबद्ध कंपनियां हैं जो वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता अवसंरचना निर्माण से सीधे तौर पर जुड़ी हुई हों। यही वजह है कि निवेशकों का रुझान उन बाजारों की ओर बढ़ रहा है जहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सेमीकंडक्टर उद्योग तेजी से विस्तार कर रहे हैं।

आगे क्या है चुनौती

आर्थिक जानकारों का मानना है कि यदि भारत को वैश्विक शेयर बाजारों की रैंकिंग में अपनी स्थिति मजबूत करनी है तो उसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर निर्माण, उन्नत तकनीक और नवाचार आधारित उद्योगों में बड़े निवेश को बढ़ावा देना होगा। फिलहाल दक्षिण कोरिया और ताइवान की तेज प्रगति ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले वर्षों में वैश्विक बाजारों की दिशा तय करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता सबसे बड़ी भूमिका निभाने वाली है।