जनशिकायतों में लापरवाही पर 10 थानेदारों पर कार्रवाई:DGP ने दिए विभागीय जांच के निर्देश, हर थाने में टॉप-10 भूमि विवादों की सूची बनेगी
उत्तर प्रदेश में जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले 9 जिलों के 10 थानेदारों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस महानिदेशक ने इन्हें हटाने का निर्देश देते हुए विभागीय कार्रवाई करने को कहा है। सोमवार को जनशिकायतों की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि फरियादियों की शिकायतों का समाधान थाना और चौकी स्तर पर ही किया जाए, ताकि उन्हें जिला या पुलिस मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। मंगलवार को DGP ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण, भूमि विवादों की निगरानी और संवेदनशील मामलों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया गया। इन 9 जिलों के 10 थानेदारों पर कार्रवाई सितंबर में अगस्त की तुलना में जनशिकायतों में अत्यधिक वृद्धि वाले थानों के प्रभारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसमें निम्न जिलों के थाना प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। हर थाने में टॉप-10 भूमि विवादों की सूची बनेगी भूमि विवादों में मारपीट और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका रोकने के लिए प्रत्येक थाने में 10 प्रमुख विवादों की सूची बनाई जाएगी। इनके समाधान की निगरानी संबंधित ACP/CO करेंगे और राजस्व विभाग के साथ समन्वय कर SDM की मदद से कार्रवाई की जाएगी। विवाद सुलझने पर सूची में अगले 10 मामलों को शामिल किया जाएगा। यक्ष बीट रिपोर्ट में दर्ज भूमि विवादों को भी निगरानी व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। जिन मामलों में पहले मारपीट हो चुकी है, दोनों पक्षों पर मुकदमे दर्ज हैं या जातिगत-सांप्रदायिक तनाव की आशंका है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे मामलों की थाना, सर्किल और जिला स्तर पर रोजाना समीक्षा होगी। एसपी कार्यालयों में बनेगी निगरानी डेस्क प्रत्येक SSP/SP कार्यालय में केंद्रीय निगरानी डेस्क स्थापित की जाएगी। यह IGRS, जनसुनवाई, मुख्यमंत्री संदर्भ, पीजी पोर्टल समेत अन्य माध्यमों से मिली शिकायतों के पंजीकरण, निस्तारण और लंबित मामलों का प्रतिदिन रिकॉर्ड रखेगी। संबंधित थानों से फॉलोअप लेकर शिकायतकर्ता को कार्रवाई की स्थिति बताई जाएगी। DGP ने स्पष्ट किया कि किसी भी शिकायत को दर्ज करने से मना नहीं किया जाएगा। थाने और चौकी पर फरियादियों की बात सम्मानपूर्वक सुननी होगी। अभद्रता, पक्षपात, अनावश्यक टालमटोल या भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर जांच कर जिम्मेदारी तय की जाएगी। DGP ने कहा कि शिकायतों का निष्पक्ष और संवेदनशील निस्तारण पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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