कानपुर के दशहरा मेले में ग्रेविटी झूले का फाउंडेशन टूटा:25 से ज्यादा लोग सवार थे, दो को घायल, झूला एक तरफ झुका; संचालक भागा
कानपुर के अरमापुर थाना क्षेत्र के अरमापुर मैदान में चल रहे दशहरा मेले में गुरुवार देर रात बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मेले में लोगों को झुला रहा ग्रेविटी झूला अचानक फाउंडेशन टूटने से एक तरफ झुक गया। उस समय झूले पर करीब 25 से अधिक लोग सवार बताए जा रहे हैं। झूले के अचानक झुकते ही लोगों में चीख-पुकार मच गई और मेले में अफरातफरी का माहौल बन गया। गनीमत रही कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर झूले में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकलवा लिया। हालांकि, इस दौरान अरिम अली और उवेश को हल्की चोटें आईं। हादसे के बाद झूला संचालक सत्यप्रकाश उर्फ छोटे के मौके से भागने की बात सामने आई है। घटना की जानकारी मिलते ही अरमापुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। कुछ देर बाद एसीपी पनकी अमित चौरसिया और वेस्ट एडीसीपी योगेश कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने झूले की स्थिति का जायजा लिया और संचालक से संबंधित दस्तावेजों की जांच कराई। शुरुआती जांच में झूले का फाउंडेशन टूटने को हादसे की वजह बताया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अनुमति और सुरक्षा संबंधी दस्तावेज होने के बावजूद झूले का फाउंडेशन कैसे टूट गया। अब पढ़िए पूरा मामला अचानक झुका झूला, मची चीख-पुकार
अरमापुर मैदान में दशहरा मेले के तीसरे दिन गुरुवार रात बड़ी संख्या में लोग मेला देखने पहुंचे थे। मेले में लगे ग्रेविटी झूले पर भी लोग सवार होकर झूल रहे थे। इसी दौरान अचानक झूले का फाउंडेशन टूट गया और पूरा झूला एक तरफ झुकने लगा। झूले को इस तरह झुकता देख उस पर सवार लोगों में दहशत फैल गई। आसपास मौजूद लोग भी घबराकर इधर-उधर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, झूले पर उस समय करीब 25 से अधिक लोग सवार थे। अचानक हुए घटनाक्रम से कुछ देर के लिए मेले में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोगों को आशंका थी कि झूला पूरी तरह पलट सकता है। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए झूले पर सवार लोगों को सुरक्षित नीचे उतरवाया। इस दौरान दो लोगों को हल्की चोटें आने की जानकारी सामने आई है। फाउंडेशन टूटने से झूला एक तरफ झुका
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि झूले का फाउंडेशन टूटने के कारण हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि झूले पर सवार लोग एक तरफ हो गए थे। इससे झूले पर एक ओर अधिक दबाव पड़ने की आशंका है। इसी दौरान फाउंडेशन उखड़ गया और झूला एक तरफ झुक गया। हालांकि, फाउंडेशन टूटने के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस इस बिंदु की भी जांच कर रही है कि झूले को स्थापित करते समय सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। फाउंडेशन की मजबूती, झूले की स्थापना और संचालन के दौरान बरती गई सावधानियों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हादसे के बाद संचालक मौके से भागा
घटना के बाद झूला संचालक सत्यप्रकाश उर्फ छोटे के मौके से भागने की बात सामने आई है। पुलिस अधिकारियों के पहुंचने के बाद झूले से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई। बताया गया कि झूला संचालित करने के लिए विभिन्न विभागों से अनुमति ली गई थी। इसके बावजूद हादसा होने से झूले की सुरक्षा व्यवस्था और निरीक्षण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि झूले के संचालन के दौरान सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और हादसे के समय मौके पर जिम्मेदार कर्मचारी मौजूद थे या नहीं। संचालक की भूमिका और घटना के बाद उसके मौके से जाने के संबंध में भी जांच की जा सकती है। डीएम से लेकर थाना प्रभारी तक की अनुमति के दस्तावेज
हादसे के बाद झूला संचालक के अन्य साथियों ने अनुमति से संबंधित कागजात दिखाए। इनमें जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर, एसीएम, एसीपी पनकी, थाना प्रभारी, एलआईयू, अग्निशमन विभाग, केस्को और पीडब्ल्यूडी सहित संबंधित विभागों की अनुमति के दस्तावेज होने की बात कही गई है। दस्तावेज सामने आने के बाद अब जांच का मुख्य बिंदु यह है कि झूले की स्थापना और संचालन के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का वास्तव में पालन किया गया था या नहीं। अनुमति मिलना और झूले का सुरक्षित होना अलग-अलग पहलू हैं। ऐसे में पुलिस हादसे के कारणों और संबंधित जिम्मेदारियों की पड़ताल कर रही है। 2500 किलोग्राम बताई गई झूले की क्षमता
मेले में लगे ग्रेविटी झूले की क्षमता करीब 2500 किलोग्राम बताई गई है। दावा है कि इस पर एक बार में करीब 40 लोग झूल सकते हैं। हादसे के समय झूले पर 25 से अधिक लोगों के सवार होने की बात कही जा रही है। ऐसे में जांच में यह भी देखा जाएगा कि झूले पर निर्धारित क्षमता के अनुरूप ही लोगों को बैठाया गया था या नहीं और उसका वजन संतुलित था या नहीं। झूले का फाउंडेशन टूटने के बाद क्षमता, वजन के वितरण और सुरक्षा व्यवस्था की जांच भी अहम हो गई है। पुलिस यह पता लगाएगी कि हादसा तकनीकी खराबी, फाउंडेशन की कमजोरी या किसी अन्य कारण से हुआ। एडीसीपी बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई
वेस्ट एडीसीपी योगेश कुमार ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। झूले से संबंधित सभी कागजात चेक किए गए हैं। संबंधित मानकों के आधार पर अनुमति दिए जाने की जानकारी मिली है, लेकिन हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी पड़ताल की जा रही है। उन्होंने बताया कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि झूले का फाउंडेशन टूटने के लिए कौन जिम्मेदार था और सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही हुई थी या नहीं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)