कानपुर में 1 करोड़ की मेफेड्रोन के साथ तस्कर अरेस्ट:दिल्ली-मुंबई से लेकर UP के कई जिलों में कर रहा था ड्रग्स की सप्लाई

Oct 23, 2026 - 23:30
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कानपुर में 1 करोड़ की मेफेड्रोन के साथ तस्कर अरेस्ट:दिल्ली-मुंबई से लेकर UP के कई जिलों में कर रहा था ड्रग्स की सप्लाई
कानपुर की फजलगंज पुलिस और स्वाट टीम ने 1 करोड़ की मेफेड्रोन साथ 20 साल के तस्कर को अरेस्ट कर लिया। तस्कर के पास से 101 ग्राम मादक पदार्थ मेफेड्रोन बरामद हुआ। पूछताछ में सामने आया कि तस्कर दिल्ली और मुंबई से मेफेड्रोन ड्रग्स खरीदकर यूपी के लखनऊ और कानपुर समेत अन्य जिलों में तस्करी कर रहा था। जांच में सामने आया कि पकड़ा गया युवक ड्रग्स पैंडलर है, उसके पीछे बड़े तस्कर शामिल हैं। पुलिस इनपुट के आधार पर अब सरगना की तलाश में छापेमारी कर रही है। हुक्का बार बंद हुए थे पेडलर ड्रग्स कर रहे थे सप्लाई फजलगंज थाना प्रभारी धनंजय कुमार पांडेय ने बताया कि गोविंद नगर पुल के नीचे चेकिंग के दौरान एक आरोपी को पकड़ा गया, उसके पास से 101 ग्राम मादक पदार्थ मेफेड्रोन बरामद हुआ। पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम कर्नलगंज लकड़मंडी निवासी नजमुद्दीन उर्फ शान बताया। हालांकि जाजमऊ केडीए बाजार निवासी उसका साथी शहरोज फरार हो गया। हाईस्कूल पास नजमुद्दीन ने बताया कि वह हाईस्कूल पास है और यह मेफेड्रोन उसे शहरोज लाकर देता था। दिल्ली-मुंबई से ड्रग्स को खरीदने के बाद वह कानपुर, लखनऊ समेत यूपी के कई जिलों में सप्लाई करता था। हुक्का बंद होने के बाद धंधा प्रभावित हुआ तो तस्करों ने कानपुर समेत अन्य जिलों में अपने पेडलर खड़े कर दिया। यह पेडलर ही कस्टमर तक सीधे ड्रग्स पहुंचाते थे। थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया कि फरार सरगना की तलाश में टीमें दबिश दे रही है, जिससे पता चल सके कि वह इसे कहां से तस्करी करके लाते थे और किनको बेचते थे। क्या है मेफेड्रोन ड्रग्स, कैसे करता है असर मेफेड्रोन (MD) एक सिंथेटिक उत्तेजक नशीला पदार्थ है। इसे ‘म्याऊं-म्याऊं’ के नाम से भी जाना जाता है। यह मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र पर असर डालता है। इसके सेवन से कुछ समय के लिए व्यक्ति को अधिक ऊर्जा, उत्साह और आत्मविश्वास महसूस हो सकता है। ऐसे करते हैं इस्तेमाल इसका सेवन आमतौर पर पाउडर को नाक से खींचकर या निगलकर किया जाता है। कुछ मामलों में इंजेक्शन से भी इसका सेवन किया जाता है। सेहत पर असर इसके सेवन से दिल की धड़कन तेज होना, रक्तचाप बढ़ना, अत्यधिक पसीना आना, बेचैनी, घबराहट और नींद न आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर स्थिति में दौरे पड़ने, शरीर का तापमान बढ़ने और हृदय संबंधी जटिलताओं का खतरा रहता है।

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