कानपुर नगर निगम की 'कलह' लखनऊ तक पहुंची:महापौर के खिलाफ 5 बागी पार्षदों ने यूपी प्रभारी विनोद तावड़े से की शिकायत
कानपुर नगर निगम में महापौर प्रमिला पांडेय और भाजपा पार्षदों के बीच चल रही खींचतान अब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गई है। महापौर के खिलाफ मोर्चा खोले भाजपा के 5 बागी पार्षदों ने लखनऊ में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े से मुलाकात की। पार्षदों ने उन्हें शिकायती पत्र सौंपकर महापौर के कार्यकाल में भ्रष्टाचार, विकास कार्यों में भेदभाव और नगर निगम की संपत्तियों के इस्तेमाल से जुड़े आरोप लगाए। इससे पहले वार्ड-37 अशोक नगर के पार्षद पवन गुप्ता दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात कर शिकायत कर चुके हैं। बागी पार्षदों ने यूपी प्रभारी से की शिकायत पवन गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष को नगर निगम में अनियमितताओं और महापौर प्रमिला पांडेय व उनके बेटे अमित पांडेय की भूमिका को लेकर जानकारी दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम में अमित पांडेय की गतिविधियों से भाजपा की छवि और संगठन को नुकसान पहुंच रहा है। पवन गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए उन्हें यूपी प्रभारी विनोद तावड़े से मिलने के लिए कहा था। इसके बाद राष्ट्रीय महामंत्री और यूपी प्रभारी विनोद तावड़े के सामने पार्षद विकास जायसवाल, आलोक पांडेय, लक्ष्मी कोरी, हरि स्वरूप तिवारी के साथ लखनऊ पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। पवन गुप्ता ने बताया कि विनोद तावड़े से मुलाकात के दौरान उन्हें आश्वासन मिला है कि संगठन शिकायत पर संज्ञान लेकर जल्द ठोस कदम उठाएगा। विकास निधि में भेदभाव का आरोप शिकायत में भाजपा पार्षदों ने आरोप लगाया है कि नगर निगम में उनकी अनदेखी की जा रही है। पवन गुप्ता का कहना है कि भाजपा पार्षदों के वार्डों में विकास कार्यों के लिए पर्याप्त निधि नहीं दी जा रही, जबकि विपक्षी पार्षदों के क्षेत्रों में काम कराने के लिए धन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन इलाकों में भाजपा को अधिक जनसमर्थन मिलता है, वहां भी विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। शिकायत पत्र में सदन की बैठकों से पार्षदों को निष्कासित करने, उनकी बात नहीं सुने जाने और उनके साथ दुर्व्यवहार का मुद्दा भी उठाया गया है। पार्षदों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से पार्टी के जनप्रतिनिधियों में नाराजगी बढ़ रही है और जनता के बीच संगठन की छवि प्रभावित हो रही है। सरकारी जमीन पर कब्जे का मामला उठाया पवन गुप्ता ने महापौर के परिवार को लाभ पहुंचाने के लिए नगर निगम की संपत्तियों के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। उन्होंने महापौर के बेटे अमित पांडेय पर नगर निगम के कामकाज में हस्तक्षेप करने और नजूल की सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप भी लगाया है। शिकायत पत्र में दावा किया गया है कि सरकारी जमीन से जुड़े मामले में अधिकारियों की जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया गया था। हालांकि इस मामले पर अमित पांडेय का कहना है कि यह आरोप झूठे लगाए जा रहे हैं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)