मेरठ के हिस्ट्रीशीटर अमित मिरिंडा को हाईकोर्ट से जमानत:लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर व्यापारी से एक करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप है
मेरठ के नौचंदी थाने के हिस्ट्रीशीटर अमित मिरिंडा को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। सोमवार को कोर्ट ने मेडिकल थाने में दर्ज रंगदारी और साजिश के मामले में उसकी जमानत याचिका मंजूर कर ली। जमानत की सूचना मिलने के बाद मेरठ पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दी गई है। अमित मिरिंडा फिलहाल बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा जेल में बंद है। मेरठ में दर्ज मुकदमे में जमानत नहीं मिलने के कारण उसकी रिहाई रुकी हुई थी। अब इस मामले में भी राहत मिलने के बाद उसके जेल से बाहर आने की संभावना बढ़ गई है। गौ रक्षक मयंक त्यागी की शिकायत पर दर्ज हुआ था केस जुलाई 2025 में गौ रक्षक मयंक त्यागी की शिकायत पर मेडिकल थाने में अमित मिरिंडा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें रंगदारी मांगने और फर्जी दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने की साजिश रचने समेत कई आरोप लगाए गए थे। इसी मामले में अमित की जमानत याचिका हाईकोर्ट में लंबित थी। लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर रंगदारी मांगने का आरोप पुलिस के मुताबिक, 15 जुलाई 2025 को कर्नाटक पुलिस और दिल्ली स्पेशल सेल ने अमित मिरिंडा को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उसने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम का इस्तेमाल कर बेंगलुरु के एक व्यापारी से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। गिरफ्तारी के बाद उसे बेंगलुरु की जेल भेज दिया गया था। जून 2026 में उसे बेंगलुरु हाईकोर्ट से संबंधित मामले में भी जमानत मिल गई थी। हालांकि, मेरठ में दर्ज मुकदमे में जमानत नहीं मिलने के कारण वह जेल से बाहर नहीं आ सका। छह राज्यों में करीब 30 मुकदमे दर्ज होने का दावा अमित मिरिंडा पर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तराखंड और कर्नाटक समेत कई राज्यों में करीब 30 गंभीर मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। आरोप है कि वह दिल्ली-एनसीआर में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों के साथ रंगदारी का नेटवर्क चला रहा था। मेरठ के मुकदमे में जमानत मिलने के बाद पुलिस उसकी संभावित गतिविधियों और कथित आपराधिक नेटवर्क पर नजर रख रही है। हालांकि, जमानत मिलने का अर्थ आरोपों से दोषमुक्त होना नहीं है।
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