मेरठ में 2 दरोगा और हेड कांस्टेबल सस्पेंड:4.50 लाख की रिश्वत का आरोप, कैफे संचालक के खाते में ट्रांसफर कराई रकम
मेरठ के लिसाड़ी गेट थाने में पुलिसकर्मियों और एक कथित दलाल की मिलीभगत से वसूली का मामला सामने आया है। शिकायत में एक दरोगा पर 4.50 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है। दावा है कि रकम सीधे देने के बजाय कैफे संचालक शादाब राव के खाते समेत दूसरे खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर कराई गई। मामला डीआईजी कलानिधि नैथानी तक पहुंचने के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई। डीआईजी के निर्देश पर अधिकारियों ने थाने में करीब छह घंटे तक जांच की। इसके बाद कैफे संचालक से भी पूछताछ की गई। मामले में दो दरोगा और एक हेड कांस्टेबल को निलंबित किया जा चुका है। हालांकि, रिश्वत के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। छह घंटे थाने में जांच, कैफे संचालक से पूछताछ डीआईजी के आदेश पर एसपी सिटी विनायक भौसले और सीओ कोतवाली संग्राम सिंह बुधवार रात लिसाड़ी गेट थाने पहुंचे। अधिकारियों ने करीब छह घंटे तक मामले से जुड़े रिकॉर्ड और तथ्यों की पड़ताल की। इसके बाद सीओ कोतवाली कैफे पहुंचे और शादाब राव से करीब दो घंटे पूछताछ की। जांच में ऑनलाइन लेनदेन और ट्रांसफर की गई रकम के उद्देश्य से जुड़े पहलुओं को खंगाला गया। दरोगा के साथ पार्टी की तस्वीरों पर उठे सवाल शादाब राव की दरोगा आरिफ अली के साथ बर्थडे पार्टी की तस्वीरों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि थाने के सामने ही उसका अड्डा चलता था और वहां उसका प्रभाव था। एक कारोबारी को कथित तौर पर बंधक बनाकर दो लाख रुपये वसूलने का दावा भी किया गया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। फर्जी RC मामले में जेल जा चुका है शादाब शादाब राव के बारे में बताया गया है कि वह गाड़ियों की फर्जी RC से जुड़े मामले में जेल जा चुका है। इसके बावजूद थाने के हथियारों और कंप्यूटर तक उसकी कथित पहुंच को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। सीओ कोतवाली ने शादाब से पूछताछ और रिकॉर्ड की जांच किए जाने की पुष्टि की। हालांकि, रिश्वत के आरोपों से जुड़े सबूत मिलने या न मिलने पर उन्होंने स्पष्ट जानकारी नहीं दी। मामले में दो दरोगा और एक हेड कांस्टेबल के निलंबन के बाद आगे की जांच जारी है।
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