11 साल की अर्यमा ने बिना देखे पढ़ी गीता:लखनऊ में 2 घंटे 5 मिनट में संस्कृत में किया पाठ, 3000 से ज्यादा श्लोक है याद
लखनऊ की 11 साल की अर्यमा शुक्ला ने बिना पुस्तक देखे पूरी श्रीमद्भगवद्गीता का अखंड पाठ किया। बंथरा स्थित श्री बालाजी वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में ब्रह्मोत्सव के दौरान अर्यमा ने 2 घंटे 5 मिनट में संस्कृत में गीता का पाठ पूरा किया। पाठ के बाद अर्यमा ने गीता के महत्व और उसके संदेश के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि गीता का मुख्य संदेश धर्म की स्थापना और अधर्म का नाश कर विश्व में शांति स्थापित करना है। कार्यक्रम में अर्यमा को स्मृति चिन्ह और शाल देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद उत्सव मूर्तियों की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। 3000 से ज्यादा संस्कृत श्लोक कंठस्थ अर्यमा को संपूर्ण श्रीमद्भगवद्गीता और श्री दुर्गा सप्तशती के साथ अनेक सहस्रनाम और महामंत्र कंठस्थ हैं। वह अब तक 3000 से अधिक संस्कृत श्लोक याद कर चुकी हैं। खास बात यह है कि अर्यमा ने इसके लिए कोई औपचारिक संस्कृत प्रशिक्षण नहीं लिया। घर में भी संस्कृत का माहौल नहीं है। वह श्लोक सुनकर ही उन्हें याद कर लेती हैं। कठिन श्लोकों को याद करने के साथ उनका उच्चारण भी स्पष्ट और प्रभावी है। संस्कृत के साथ विज्ञान और अंतरिक्ष में रुचि अर्यमा का लगाव केवल आध्यात्मिक अध्ययन तक सीमित नहीं है। वह अंग्रेजी में भी पारंगत हैं और विज्ञान तथा अंतरिक्ष के विषयों में खास रुचि रखती हैं। आधुनिक तकनीक और नए प्रयोगों को लेकर भी उनका उत्साह है। अर्यमा सिटी मोंटेसरी स्कूल की अलीगंज शाखा में कक्षा 6 की छात्रा हैं। पढ़ाई में भी उनका प्रदर्शन बेहतर है और वह कक्षा में प्रथम आती हैं। कम उम्र में आध्यात्मिक ज्ञान, तेज स्मरण शक्ति और आधुनिक विषयों में रुचि का यह मेल उन्हें खास बनाता है।
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