मोदी-ट्रंप मुलाकात पर दुनिया की नजर

फ्रांस में होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संभावित मुलाकात पर वैश्विक नजरें टिकी हैं। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।

मोदी-ट्रंप मुलाकात पर दुनिया की नजर

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 11 जून 2026

मोदी-ट्रंप मुलाकात पर दुनिया की नजर

फ्रांस में 16 और 17 जून को आयोजित होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुलाकात होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अभी तक इस बैठक की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन दोनों नेताओं के फ्रांस दौरे के चलते कूटनीतिक हलकों में इसकी चर्चा तेज हो गई है।

फ्रांस में जुटेंगे दुनिया के बड़े नेता

इस वर्ष जी-7 शिखर सम्मेलन की मेजबानी फ्रांस कर रहा है। सम्मेलन में दुनिया की प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं के शीर्ष नेता हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने वाले हैं। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच संभावित द्विपक्षीय वार्ता को काफी अहम माना जा रहा है।

कई अहम मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मोदी और ट्रंप की मुलाकात होती है तो भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत बनाने, व्यापार, रक्षा सहयोग, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा तथा वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियों जैसे विषयों पर चर्चा हो सकती है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत होती रही है और यह बैठक उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

पिछली मुलाकात फरवरी 2025 में हुई थी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की आखिरी मुलाकात 13 फरवरी 2025 को वाशिंगटन डीसी स्थित व्हाइट हाउस में हुई थी। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद यह दोनों नेताओं की पहली द्विपक्षीय बैठक थी। उस दौरान भी कई महत्वपूर्ण वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई थी।

क्या है जी-7 समूह

जी-7 दुनिया की सात प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं का समूह है। यह संगठन वैश्विक अर्थव्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, ऊर्जा नीति, जलवायु परिवर्तन और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए हर वर्ष शिखर सम्मेलन आयोजित करता है।

जी-7 में कौन-कौन से देश शामिल

जी-7 समूह में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका शामिल हैं। इसके अलावा यूरोपीय संघ भी इसकी बैठकों और चर्चाओं में भाग लेता है।

भारत को लगातार मिल रहा आमंत्रण

भारत जी-7 का स्थायी सदस्य नहीं है, लेकिन वैश्विक मंच पर उसकी बढ़ती भूमिका और मजबूत अर्थव्यवस्था को देखते हुए पिछले कई वर्षों से उसे विशेष अतिथि देश के रूप में आमंत्रित किया जाता रहा है। भारत की मौजूदगी को वैश्विक नीति निर्धारण में उसकी बढ़ती अहमियत के रूप में देखा जाता है।

कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा सम्मेलन

फ्रांस में होने वाला यह सम्मेलन केवल आर्थिक और वैश्विक मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकों का भी मंच बनेगा। ऐसे में मोदी और ट्रंप की संभावित मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।