अमेरिका ने ईरान पर गिराया GBU-72 ‘बंकर बस्टर’ बम, पहली बार इस्तेमाल से बढ़ा तनाव

अमेरिका ने ईरान पर गिराया GBU-72 ‘बंकर बस्टर’ बम, पहली बार इस्तेमाल से बढ़ा तनाव

अमेरिका ने ईरान पर गिराया GBU-72 ‘बंकर बस्टर’ बम, पहली बार इस्तेमाल से बढ़ा तनाव

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य कदम उठाते हुए पहली बार अपने उन्नत GBU-72 ‘बंकर बस्टर’ बम का इस्तेमाल किया है। अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज़ के पास स्थित ईरान के भूमिगत मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाते हुए इस भारी-भरकम बम को गिराया।

बताया जा रहा है कि यह हमला उन ठिकानों पर किया गया जहां ईरान ने एंटी-शिप क्रूज़ मिसाइलें छिपाकर रखी थीं, जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों और व्यापार के लिए खतरा बन रही थीं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह कार्रवाई रणनीतिक रूप से बेहद अहम थी, क्योंकि इन ठिकानों को सामान्य हमलों से नष्ट करना मुश्किल था।

GBU-72 एक अत्याधुनिक प्रिसिजन-गाइडेड बम है, जिसे खास तौर पर जमीन के अंदर बने मजबूत बंकर, सुरंग और कंक्रीट संरचनाओं को तबाह करने के लिए विकसित किया गया है। करीब 5,000 पाउंड (लगभग 2.5 टन) वजनी यह बम GPS और इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम (INS) की मदद से बेहद सटीक तरीके से अपने लक्ष्य तक पहुंचता है।

इस बम की सबसे बड़ी खासियत इसकी “बंकर बस्टिंग” क्षमता है। यह सतह पर गिरते ही विस्फोट नहीं करता, बल्कि पहले जमीन या कंक्रीट की कई परतों को भेदते हुए अंदर तक पहुंचता है और फिर विस्फोट करता है। इससे बंकर या सुरंग के भीतर छिपे हथियार और सैन्य ढांचे पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि GBU-72 का इस्तेमाल इस बात का संकेत है कि अमेरिका अब उन सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है, जो जमीन के गहराई में छिपे होते हैं और जिन्हें पारंपरिक हथियारों से खत्म करना आसान नहीं होता।

हालांकि, इस हमले के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज़ दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस का परिवहन होता है। ऐसे में इस इलाके में किसी भी सैन्य कार्रवाई का वैश्विक असर पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, GBU-72 जैसे हाई-टेक बम का इस्तेमाल न केवल अमेरिका की सैन्य क्षमता को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि आधुनिक युद्ध अब अधिक सटीक और तकनीकी रूप से उन्नत होता जा रहा है।