नीले ड्रम में करोड़ों, तीन एजेंसियों ने शुरू की जांच:कोराेना के दौरान पुणे से लाई गई करेंसी, लखनऊ की इन्वेस्टिगेशन टीम प्रयागराज में
प्रयागराज में राजेश यादव और राकेश यादव के घर में जमीन में गड़े मिले तीन नीले ड्रमों में करोड़ों के नोट के मामले की जांच लखनऊ की आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन टीम करेगी। लखनऊ आयकर अन्वेषण निदेशालय की टीम प्रयागराज पहुंच गई है। इस टीम के साथ प्रयागराज कमिश्नरेट पुलिस और बैंक की टीम को शामिल किया है। इन्कम टैक्स की इन्वेस्टिगेशन टीम निगरानी में पूछताछ, नोटों की गिनती को आगे बढ़ाएगी।
बैंक को नोट गिनने के लिए शामिल किया गया है। साथ ही बैंक खातों व अन्य डिपॉजिट की जांच में लगाया गया है। पुलिस टीमें खोदाई, तलाशी, हिरासत में लेना, छापेमारी आदि की कार्रवाई करेगी। पुणे से बार बार लाते रहे नोटों की गडि्डयां अब तक की जांच से इतना तो साफ हुआ है कि नवाबगंज के रहने वाले राजेश और राकेश करोड़ों की यह करेंसी पुणे से यहां लाकर ड्रमों में भरकर जमीन में गाड़ रहे थे। दोनों भाइयों से पूछताछ के बाद एक टीम को पुणे भी रवाना किया गया है। दोनों भाई कई सालों तक पुणे के एक कारोबारी के यहां काम करते रहे हैं। कोविड के दौरान दोनों पुणे से प्रयागराज आ गए। इसी दौरान करोड़ों के नोट प्रयागराज आए गए। अभी तो यह भी माना जा रहा है कि तीन ड्रमों के अलावा इस परिवार ने घर में, बाग में या फिर खाली जमीन और मकान में एक भी नोटों की गडि्डयों को जमीन में गाड़कर या फिर कहीं और छिपाकर रखा हो सकता है। मामला करोड़ों के नोटों की बरामदगी का है इसलिए प्रयागराज के पुलिस अधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी लखनऊ के अफसरों को दी है। करोड़ों रुपये पुणे से चोरी कर लूट कर या किस तरीके से लाए गए यह जांच का हिस्सा है। 3 तस्वीरें देखिए… पुलिस ने गांव की बिजली काटकर मारी रेड नवाबगंज इलाके के बरईपुर गांव में राकेश यादव उर्फ महाकाल का पुश्तैनी मकान है। पुलिस को राकेश के घर में चोरी के रुपए जमीन में गाड़कर रखने का इनपुट मिला था। यह बात पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया तक पहुंची। इसके बाद बुधवार शाम 6 बजे डीसीपी (गंगानगर) सोनम कुमार और एडीसीपी पुष्कर वर्मा समेत पुलिस टीम मौके पर पहुंची। इससे पहले पुलिस ने पूरे गांव की बिजली कटवा दी। फिर सर्च अभियान शुरू किया। इस दौरान सोरांव के एसीपी श्यामजीत प्रमिला सिंह भी मौजूद रहे। साढ़े 4 घंटे तक चला सर्च अभियान पुलिस के मुताबिक, घर की तलाशी के दौरान जमीन में दबाकर रखे गए 3 नीले ड्रम मिले। इसमें कपड़े से लपेटकर नोटों की गड्डियां रखी गई थीं। पुलिस ने कैश को कब्जे में लेकर घर सील कर दिया और घेराबंदी कर दी। करीब साढ़े 4 घंटे तक घर में सर्च अभियान चलाने के बाद पुलिस साढ़े 10 बजे लौट गई। पुलिस ने राकेश यादव के भाई बबलू को भी हिरासत में लिया है। पूरे परिवार को पुलिस टीमें अपने साथ ले गई हैं। घर के चारों तरफ 40 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात हैं। राकेश के घर के साथ उसके बगीचे और खाली जमीन को भी पुलिस ने रिबन से घेर दिया है। गांववालों का दावा- कुछ साल में खरीदी गई 22 बीघा जमीन गांववालों ने बताया कि राकेश यादव कई साल पहले पुणे में अपने बहनोई और साले के साथ रहकर एक सर्राफा व्यापारी के घर काम करता था। कोविड के समय वह अपने बरईपुर स्थित घर चला आया। इसके बाद उसने 22 बीघा जमीन खरीदी। इसकी कीमत 10 करोड़ रुपए से ज्यादा थी। फिर करीब 1 करोड़ रुपए लगाकर घर बनवाया। दो ट्रैक्टर के साथ DJ और पिकअप खरीदा। फिर यहीं पर सीमेंट-सरिया का कारोबार करने लगा। राकेश 2 भाइयों के साथ गांव में रहता है राकेश 6 भाई हैं। इनमें राकेश, राजेश और लवकुश तीनों गांव में रहते हैं, जबकि तीन अन्य छोटू, राजेंद्र, अभिषेक बाहर रहते हैं। पिता राम आधार की मौत हो चुकी है। डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार ने बताया- बुधवार को रात होने की वजह से सर्च ऑपरेशन रोक दिया गया था। राकेश के घर के आसपास पुलिस तैनात की गई है। जमीन के नीचे दबाए गए तीन ड्रमों से करोड़ों रुपए मिले हैं। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें ‘पापा को जान से न मारते...टांग में गोली मार देते’; बेटी बोली- पुलिस मेरे सामने पापा को चादर ओढ़ाकर उठा ले गई हमारे पापा को जान से नहीं मारते, चाहे दोनों टांगों में गोली मार देते...। सीने में गोली मारने का, जान लेने का अधिकार किसी को नहीं होता। तुम भी इंसान हो, वो भी इंसान थे। यह कहना है उस बेटी का, जिसके पिता वीरेंद्र सिंह का एटा पुलिस ने मंगलवार (27 अक्टूबर) को एनकाउंटर कर दिया था। वीरेंद्र 1 लाख का इनामी था और उस पर 53 केस थे। पढ़िए पूरी खबर
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