पटना में BJP-कांग्रेस भिड़े! लाठी-डंडे चले, कई घायल
दिल्ली में विपक्ष के प्रदर्शन के बाद पटना में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हो गई। दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे, पत्थरबाजी और मारपीट हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए तथा कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई। घटना के बाद कांग्रेस ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया, जबकि भाजपा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमला करने का आरोप लगाया। पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण पाकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 22 जुलाई 2026
दिल्ली में विपक्ष के प्रदर्शन के बाद बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हो गई। दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे, पत्थरबाजी और मारपीट हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। घटना के दौरान कई वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई। दोनों दलों ने एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
पटना में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक टकराव, कई घायल, वाहनों में तोड़फोड़
बिहार की राजधानी पटना बुधवार को राजनीतिक हिंसा का केंद्र बन गई, जब भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दिल्ली में विपक्ष के प्रदर्शन के बाद भाजपा द्वारा निकाले जा रहे विरोध मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यालय के निकट दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी नारेबाजी हुई और देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और दोनों दलों के समर्थक एक-दूसरे पर हमला करने लगे।घटना इतनी तेजी से बढ़ी कि आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। सड़क पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और कई राहगीरों ने सुरक्षित स्थानों की ओर भागकर अपनी जान बचाई। स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ समय तक पूरा इलाका तनावपूर्ण बना रहा और यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ।
भाजपा के विरोध मार्च के दौरान बिगड़ा माहौल
जानकारी के अनुसार भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर विपक्ष द्वारा दिए गए धरने के विरोध में पटना में विरोध मार्च आयोजित किया था। यह मार्च कुर्जी क्षेत्र से शुरू होकर कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय तक जाना था। बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता इस मार्च में शामिल हुए थे और विभिन्न नारों के साथ आगे बढ़ रहे थे।जब मार्च कांग्रेस कार्यालय के समीप पहुंचा तो वहां पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और भाजपा समर्थकों के बीच तीखी नारेबाजी शुरू हो गई। दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ लगातार नारे लगा रहे थे। देखते ही देखते माहौल इतना गर्म हो गया कि दोनों ओर से धक्का-मुक्की शुरू हो गई और विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
मारपीट के बाद लाठी-डंडे और पत्थर चले
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर बाद दोनों ओर से लाठी-डंडों का इस्तेमाल शुरू हो गया। कई लोगों के हाथों में डंडे दिखाई दिए, जबकि कुछ स्थानों पर पत्थरबाजी भी हुई। अचानक हुई इस हिंसा से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।झड़प में कई कार्यकर्ताओं को गंभीर चोटें आईं। एक व्यक्ति के सिर पर गंभीर चोट लगने से काफी खून बहने लगा, जबकि कई अन्य लोगों को हाथ, पैर और शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें आईं। घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की।
वाहनों में जमकर हुई तोड़फोड़
हिंसक झड़प के दौरान प्रदर्शनकारियों का गुस्सा आसपास खड़े वाहनों पर भी उतर गया। कई दोपहिया और चारपहिया वाहनों के शीशे तोड़ दिए गए। कुछ वाहनों को लाठी-डंडों से नुकसान पहुंचाया गया, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया।आसपास के व्यापारियों ने बताया कि जैसे ही हिंसा शुरू हुई, उन्होंने अपनी दुकानें बंद कर दीं। कई लोगों ने अपने वाहन वहां से हटाने की कोशिश की, लेकिन अचानक हुई पत्थरबाजी और भगदड़ के कारण उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कांग्रेस ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, लेकिन समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना था कि यदि पुलिस तुरंत हस्तक्षेप करती तो स्थिति इतनी नहीं बिगड़ती।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने निष्पक्ष भूमिका नहीं निभाई और एकतरफा कार्रवाई की। कांग्रेस ने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा ने कांग्रेस को ठहराया जिम्मेदार
दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध मार्च निकाल रहे थे। उनका आरोप है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अचानक उन पर हमला कर दिया, जिसके बाद उन्हें अपना बचाव करना पड़ा।भाजपा नेताओं ने कहा कि उनके कई कार्यकर्ता भी इस झड़प में घायल हुए हैं। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने और हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने संभाली स्थिति, जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग किया और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित किया। कुछ समय बाद इलाके में हालात सामान्य किए गए, हालांकि तनाव बना रहा।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। आसपास लगे निगरानी उपकरणों के दृश्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषियों की पहचान की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बिहार की राजनीति में फिर तेज हुई बयानबाजी
इस घटना के बाद बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है। कांग्रेस और भाजपा दोनों एक-दूसरे को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपने-अपने स्तर पर बयान जारी किए हैं और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकती है। विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों इस मामले को राजनीतिक रूप से उठाने की तैयारी में हैं, जिससे प्रदेश का राजनीतिक माहौल और गर्म होने की संभावना है।
आगे क्या हो सकता है
पुलिस की जांच पूरी होने के बाद इस मामले में प्राथमिकी दर्ज होने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना है। यदि जांच में हिंसा के स्पष्ट प्रमाण मिलते हैं तो कई लोगों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।फिलहाल प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अप्रिय घटना दोबारा न हो। वहीं दोनों राजनीतिक दलों की अगली रणनीति पर भी सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।