न्यूजीलैंड में भावुक हुए मोदी, कीवी मित्र का मफलर आज भी संभालकर रखा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए वर्षों पुरानी याद साझा की। उन्होंने कहा कि एक कीवी मित्र द्वारा भेंट किया गया मफलर आज भी उनके पास सुरक्षित है और भारत-न्यूजीलैंड संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं।
द राइजिंग न्यूज़ | ऑकलैंड | 11 जुलाई 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने ऐतिहासिक न्यूजीलैंड दौरे पर हैं, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। ऑकलैंड में आयोजित भारतीय समुदाय के विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने भावनात्मक अंदाज में अपने पुराने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि वर्षों पहले न्यूजीलैंड के एक कीवी मित्र ने उन्हें जो मफलर भेंट किया था, वह आज भी उनके पास सुरक्षित है। इस प्रसंग को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि उपहार की कीमत नहीं, बल्कि उसके पीछे छिपा स्नेह और अपनापन सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है।प्रधानमंत्री के इस भावुक प्रसंग को सुनकर कार्यक्रम में मौजूद हजारों भारतीयों और स्थानीय नागरिकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड के लोगों का प्रेम और सम्मान हमेशा उनके दिल में विशेष स्थान रखता है। यही कारण है कि वर्षों पुरानी वह स्मृति आज भी उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।
भारतीय समुदाय की भूमिका की सराहना
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में न्यूजीलैंड में रह रहे भारतीय समुदाय की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारतीय मूल के लोग अपनी मेहनत, ईमानदारी और प्रतिभा के दम पर न्यूजीलैंड के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। शिक्षा, व्यापार, विज्ञान, चिकित्सा, सूचना प्रौद्योगिकी और विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय समुदाय ने अपनी अलग पहचान बनाई है।उन्होंने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय केवल भारत की संस्कृति के प्रतिनिधि नहीं हैं, बल्कि वे दोनों देशों के बीच मित्रता का मजबूत सेतु भी हैं। भारतीय समुदाय ने अपनी मेहनत और संस्कारों के माध्यम से भारत की सकारात्मक छवि पूरी दुनिया में स्थापित की है।
भारत और न्यूजीलैंड के रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के संबंध केवल कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच लोकतांत्रिक मूल्यों, विश्वास और आपसी सहयोग का मजबूत आधार है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में व्यापार, शिक्षा, कृषि, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, पर्यटन और निवेश जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों का सहयोग और अधिक मजबूत होगा।उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच लोगों का आपसी संपर्क लगातार बढ़ रहा है। इससे सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊर्जा मिल रही है और दोनों देशों के नागरिक एक-दूसरे को बेहतर ढंग से समझ पा रहे हैं।
भारतीय संस्कृति और विरासत का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी हिस्से में रहने वाले भारतीय अपनी संस्कृति और संस्कारों को नहीं भूलते। यही भारतीय समाज की सबसे बड़ी ताकत है, जिसने पूरे विश्व में भारत की अलग पहचान बनाई है।उन्होंने भारतीय समुदाय से आग्रह किया कि वे आने वाली पीढ़ियों को भी भारतीय भाषाओं, परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़कर रखें। इससे भारत और न्यूजीलैंड के सांस्कृतिक संबंध और अधिक मजबूत होंगे।
ऐतिहासिक दौरे को माना जा रहा महत्वपूर्ण
प्रधानमंत्री मोदी का यह न्यूजीलैंड दौरा दोनों देशों के संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे समय बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की आधिकारिक यात्रा होने के कारण इस दौरे पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। माना जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौतों और सहयोग के नए क्षेत्रों पर सहमति बन सकती है।राजनीतिक और रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत नहीं करेगी, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों के सहयोग को भी नई दिशा देगी। भारतीय समुदाय के साथ प्रधानमंत्री का संवाद इस यात्रा का सबसे भावनात्मक और चर्चित क्षण माना जा रहा है।