स्लोवाकिया पहुंचे पीएम मोदी, व्यापार और एआई सहयोग पर बनी सहमति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्लोवाकिया की ऐतिहासिक यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक साझेदारी तक पहुंचाने की घोषणा की. दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रेलवे, ऑटोमोबाइल और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई.
दि राइजिंग न्यूज़ | ब्रातिस्लावा | 16 जून 2026
स्लोवाकिया पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, रचा नया इतिहास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को तीन दिवसीय यात्रा पर स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा पहुंचे. स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद यह पहला अवसर है जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने इस यूरोपीय देश का दौरा किया है. इस यात्रा को दोनों देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है. ब्रातिस्लावा पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया गया. उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया और पारंपरिक स्लोवाक रीति रिवाज के अनुसार ब्रेड और सॉल्ट भेंट कर सम्मानित किया गया.
भारत और स्लोवाकिया के रिश्ते बने व्यापक साझेदारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों देशों ने अपने संबंधों को व्यापक साझेदारी के स्तर तक ले जाने की घोषणा की. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह नई साझेदारी दोनों देशों की साझा सोच, साझा प्राथमिकताओं और भविष्य की समान आकांक्षाओं का प्रतीक है. उन्होंने विश्वास जताया कि इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा मिलेगी.
व्यापार और निवेश बढ़ाने पर विशेष जोर
वार्ता के दौरान व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई. दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग को मजबूत करने और निवेश के नए अवसर तलाशने पर सहमति व्यक्त की. भारत और स्लोवाकिया के बीच औद्योगिक सहयोग, विनिर्माण क्षेत्र में निवेश और नए व्यापारिक समझौतों को लेकर भी सकारात्मक चर्चा हुई. दोनों देशों ने निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया.
कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल क्षेत्र में सहयोग
बैठक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई को भविष्य की साझेदारी का महत्वपूर्ण आधार माना गया. स्लोवाक प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको ने भारत की डिजिटल क्रांति और तकनीकी विकास की खुलकर सराहना की. उन्होंने कहा कि भारत ने डिजिटलाइजेशन और एआई के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है और कई विकसित देशों से भी तेज गति से प्रगति कर रहा है. फिको ने कहा कि यूरोप के लिए भी भारत का विकास मॉडल प्रेरणादायक हो सकता है.
भारत यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते को लेकर स्लोवाकिया के सहयोग की सराहना की. उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने की दिशा में कार्य जारी है. इस समझौते से दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है.
प्रतिनिधिमंडल स्तर की महत्वपूर्ण बैठक
ब्रातिस्लावा में दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की विस्तृत वार्ता भी आयोजित की गई. भारतीय प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल, विदेश सचिव विक्रम मिसरी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे. बैठक में आर्थिक सहयोग, रणनीतिक साझेदारी, तकनीकी विकास और क्षेत्रीय मुद्दों पर व्यापक चर्चा की गई.
रेलवे और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में नए अवसर
यात्रा के दौरान रेलवे विकास, ऑटोमोबाइल निर्माण, नवाचार और आधुनिक औद्योगिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई. भारत की विनिर्माण क्षमता और स्लोवाकिया की औद्योगिक विशेषज्ञता मिलकर दोनों देशों के लिए नए अवसर पैदा कर सकती है.
सांस्कृतिक विरासत का भी हुआ आदान प्रदान
प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री फिको ने वार्ता से पहले एक कला प्रदर्शनी का अवलोकन किया. इसके अलावा स्वागत समारोह में स्लोवाक लोक कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए. प्रधानमंत्री मोदी ने इन प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि लोक परंपराएं किसी भी देश की सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक विरासत को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.
राष्ट्रपति पेलेग्रिनी से भी करेंगे मुलाकात
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से भी मुलाकात करेंगे. माना जा रहा है कि इस बैठक में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने तथा भविष्य की सहयोग योजनाओं पर चर्चा होगी.
यूरोप में भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा यूरोप में भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है. पिछले कुछ वर्षों में भारत ने यूरोपीय देशों के साथ व्यापार, निवेश, रक्षा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग को लगातार विस्तार दिया है. स्लोवाकिया यात्रा से भारत और मध्य यूरोप के देशों के बीच संबंधों को नई मजबूती मिलेगी तथा आर्थिक और रणनीतिक सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे.