पुणे मर्डर केस में नए खुलासे से सनसनी
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में नए खुलासे सामने आए हैं। पुलिस का दावा है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल शादी नहीं करना चाहती थी और इसी वजह से कथित तौर पर अपने मित्र चेतन चौधरी के साथ मिलकर साजिश रची गई। अब जांच एजेंसियों की नजर डिलीट किए गए मोबाइल डाटा और वॉट्सऐप चैट्स पर है, जिन्हें फोरेंसिक जांच के जरिए पुनः प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
दि राइजिंग न्यूज़ | पुणे | 28 जून 2026
महाराष्ट्र के पुणे में चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे मामले से जुड़े नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस का दावा है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल अपने मंगेतर केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस को संदेह है कि इसी वजह से कथित तौर पर हत्या की साजिश रची गई।जांच एजेंसियों के अनुसार सिया गोयल का मानना था कि यदि केतन की मौत हो जाती है तो उस पर तत्काल शादी का दबाव नहीं रहेगा और उसे कई वर्षों तक विवाह के बारे में सोचने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पुलिस इस कथित मकसद को मामले की महत्वपूर्ण कड़ी मानकर जांच कर रही है।
शादी से बचने के लिए रची गई साजिश की आशंका
पुलिस के मुताबिक सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच लंबे समय से करीबी संबंध थे। जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों को डर था कि यदि तयशुदा विवाह टूटता है तो सामाजिक बदनामी का सामना करना पड़ सकता है। इसी कारण दोनों ने कथित तौर पर केतन अग्रवाल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।अधिकारियों का मानना है कि हत्या के पीछे केवल व्यक्तिगत संबंधों का विवाद ही नहीं, बल्कि सामाजिक दबाव और पारिवारिक परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण कारण हो सकती हैं। हालांकि पुलिस अभी सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।
उदयपुर यात्रा पर जांच एजेंसियों की नजर
जांच में एक महत्वपूर्ण जानकारी यह भी सामने आई है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी जनवरी माह में अपने कुछ दोस्तों के साथ राजस्थान के उदयपुर गए थे। यह यात्रा सिया और केतन की सगाई से पहले हुई थी।पुलिस के अनुसार दोनों लगभग पांच दिनों तक उदयपुर में रहे। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उस दौरान दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी और क्या कथित हत्या की योजना से जुड़ी कोई चर्चा वहीं हुई थी।इसके लिए ट्रैवल रिकॉर्ड, होटल बुकिंग, मोबाइल लोकेशन और डिजिटल गतिविधियों का विश्लेषण किया जा रहा है।
कैसे हुई थी घटना
पुलिस के अनुसार यह घटना 18 जून को हुई थी। केतन अग्रवाल अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ पुणे के पास स्थित लोहागढ़ किले पर घूमने गए थे। जांच में सामने आया है कि उसी समय चेतन चौधरी भी वहां मौजूद था।पुलिस का दावा है कि पहले से तय योजना के अनुसार सिया ने संकेत दिया, जिसके बाद चेतन ने कथित तौर पर पीछे से आकर केतन को गहरी खाई में धक्का दे दिया। गिरने से केतन की मौके पर ही मौत हो गई।शुरुआत में इस घटना को दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन बाद में जांच के दौरान कई संदिग्ध तथ्य सामने आए, जिसके बाद मामला कथित हत्या की साजिश की दिशा में बढ़ा।
डिलीट चैट्स बन सकती हैं सबसे बड़ा सबूत
मामले की जांच में अब मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्य सबसे अहम भूमिका निभा रहे हैं। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन से वॉट्सऐप चैट, संदेश और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां डिलीट कर दी थीं। इतना ही नहीं, फोन के रीसायकल बिन को भी खाली कर दिया गया था ताकि कोई रिकॉर्ड शेष न रहे।अब दोनों मोबाइल फोन फोरेंसिक प्रयोगशाला भेजे गए हैं। विशेषज्ञ डिलीट किए गए डाटा को पुनः प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि चैट हिस्ट्री, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य कथित साजिश की पूरी कहानी सामने ला सकते हैं।
2000 से अधिक कॉल ने बढ़ाए सवाल
जांच में यह भी सामने आया है कि जनवरी 2026 से दोनों आरोपियों के बीच लगातार संपर्क था। कॉल डिटेल रिकॉर्ड के अनुसार सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच करीब 2,004 फोन कॉल हुई थीं।पुलिस के मुताबिक इन कॉल्स की कुल अवधि लगभग 238 घंटे रही। इतनी बड़ी संख्या में हुई बातचीत ने जांचकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया है। अब अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि इन बातचीतों में क्या चर्चा होती थी और क्या इनमें कथित हत्या की योजना से जुड़ी कोई जानकारी मौजूद है।
क्रिकेट के जरिए हुई थी पहचान
पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि चेतन चौधरी की पहचान सिया के बड़े भाई साहिल गोयल के माध्यम से हुई थी। दोनों एक साथ क्रिकेट खेलते थे और इसी दौरान सिया की चेतन से मुलाकात हुई।बाद में वर्ष 2025 में एक साझा मित्र की दिवाली पार्टी में दोनों फिर मिले और यहीं से उनकी बातचीत बढ़नी शुरू हुई। इसके बाद दोनों लगातार संपर्क में रहे, जिसकी पुष्टि कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से भी हुई है।
कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या का वास्तविक मकसद क्या था। क्या यह केवल एक तयशुदा शादी से बचने का प्रयास था, या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस कथित साजिश में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।फिलहाल पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट, यात्रा रिकॉर्ड और आरोपियों के बयानों को जोड़कर पूरी घटनाक्रम की समयरेखा तैयार कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि डिलीट की गई वॉट्सऐप चैट्स और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड इस मामले के सबसे महत्वपूर्ण सबूत साबित हो सकते हैं।