ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका...
तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य प्रकाश चिक बराइक ने इस्तीफा दे दिया है। सुष्मिता देव और शुखेंदु शेखर रॉय के बाद इसे ममता बनर्जी के लिए एक और बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
दि राइजिंग न्यूज़ | कोलकाता | 11 जून 2026
पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। विधानसभा चुनाव में झटका लगने के बाद पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य प्रकाश चिक बराइक के इस्तीफे ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के लगातार इस्तीफों से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की राजनीतिक चुनौतियां और बढ़ती दिखाई दे रही हैं।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल के दिनों में पार्टी के भीतर उभर रहे मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं। ऐसे समय में एक और राज्यसभा सदस्य का इस्तीफा तृणमूल कांग्रेस के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
राज्यसभा सदस्यता से दिया इस्तीफा
प्रकाश चिक बराइक ने अपनी राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। जानकारी के अनुसार वह जल्द ही राज्यसभा के सभापति को अपना त्यागपत्र सौंपेंगे। उनके इस कदम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि संसद के उच्च सदन से किसी सदस्य का इस्तीफा केवल व्यक्तिगत निर्णय नहीं माना जाता, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में इस घटनाक्रम को तृणमूल कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पहले भी कई बड़े नेताओं ने छोड़ा साथ
प्रकाश चिक बराइक से पहले भी तृणमूल कांग्रेस के कई प्रमुख नेताओं ने पार्टी और अपने पदों से इस्तीफा दिया है। राज्यसभा सदस्य सुष्मिता देव और शुखेंदु शेखर रॉय के इस्तीफों ने पहले ही पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी थी। अब एक और वरिष्ठ नेता के अलग होने से विपक्ष को भी सरकार और पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाने का अवसर मिल गया है। लगातार हो रहे इस्तीफे संगठन के भीतर बढ़ती असहजता का संकेत हो सकते हैं। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक इस पूरे घटनाक्रम पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
त्यागपत्र में सहयोग के लिए जताया आभार
अपने त्यागपत्र में प्रकाश चिक बराइक ने राज्यसभा सदस्यता से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देने की बात कही है। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग और समर्थन के लिए उच्च सदन के पदाधिकारियों तथा सचिवालय का आभार भी व्यक्त किया है।उनके पत्र से यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने संसदीय कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग को सम्मानपूर्वक स्वीकार किया है। हालांकि इस्तीफे के पीछे के राजनीतिक कारणों को लेकर अभी भी कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
चुनावी झटके के बाद बढ़ी राजनीतिक चुनौती
विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस लगातार राजनीतिक दबाव का सामना कर रही है। चुनावी परिणामों के बाद पार्टी के भीतर असंतोष और नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवालों ने संगठन की स्थिति को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। ऐसे माहौल में वरिष्ठ नेताओं का इस्तीफा पार्टी की रणनीति पर भी प्रभाव डाल सकता है।राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर असंतोष और बढ़ता है तो इसका असर राज्य और राष्ट्रीय राजनीति दोनों पर दिखाई दे सकता है। इसलिए यह घटनाक्रम तृणमूल कांग्रेस के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विपक्ष को मिला नया राजनीतिक मुद्दा
प्रकाश चिक बराइक के इस्तीफे के बाद विपक्षी दलों ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। विपक्ष का दावा है कि लगातार हो रहे इस्तीफे पार्टी के भीतर बढ़ती असहमति और नेतृत्व संकट को दर्शाते हैं। वहीं तृणमूल कांग्रेस के समर्थक इसे व्यक्तिगत निर्णय बता रहे हैं।राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा तेज हो गई है कि आने वाले समय में पार्टी के भीतर और क्या बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सभी की नजरें अब तृणमूल कांग्रेस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और आगे की रणनीति पर टिकी हुई हैं।