शामली में संस्कृत प्रवक्ता की जॉइनिंग रोकी, रिश्वत का आरोप:1 लाख रुपए मांगने की शिकायत, प्रधानाचार्या से जवाब तलब
शामली में थानाभवन स्थित लाला लाजपत राय कन्या इंटर कॉलेज में संस्कृत प्रवक्ता पद पर चयनित अभ्यर्थी प्रतिभा को कार्यभार ग्रहण नहीं कराने का मामला सामने आया है। अभ्यर्थी ने कॉलेज की प्रधानाचार्या पूजा मलिक पर बिना वैध कारण जॉइनिंग रोकने और नियुक्ति के एवज में 1 लाख रुपए मांगने का आरोप लगाया है। मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) शामली ने प्रधानाचार्या को दोबारा आदेश जारी कर तत्काल कार्यभार ग्रहण कराने और देरी पर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। अभ्यर्थी के परिजनों की ओर से 22 अक्टूबर को माध्यमिक शिक्षा मंत्री (उत्तर प्रदेश सरकार) को भी शिकायत भेजी गई है। इसमें आरोपों की जांच कर कार्रवाई करने और अभ्यर्थी को किसी अन्य कॉलेज में नियुक्ति देने की मांग की गई है। पहले भी जारी किए थे निर्देश डीआईओएस कार्यालय के 7 अक्टूबर 2026 के पत्र के अनुसार, प्रतिभा ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत कर बताया था कि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से सामान्य वर्ग में संस्कृत प्रवक्ता पद पर उनका चयन हुआ है। उन्होंने 28 सितंबर को मूल दस्तावेजों का सत्यापन, चिकित्सा परीक्षण और अन्य औपचारिकताएं पूरी कर ली थीं। इसके बावजूद कॉलेज की प्रधानाचार्या की ओर से उन्हें कार्यभार ग्रहण नहीं कराया जा रहा था। शिकायत में नियुक्ति के बदले 1 लाख रुपये की कथित मांग का भी उल्लेख किया गया। डीआईओएस कार्यालय ने पत्र में कहा कि इससे पहले 3 अक्टूबर को भी अभ्यर्थी को तत्काल कार्यभार ग्रहण कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद जॉइनिंग नहीं कराई गई और न ही इस संबंध में अनुपालन आख्या भेजी गई। आदेश की अवहेलना पर कार्रवाई की चेतावनी डीआईओएस ने 7 अक्टूबर को जारी पत्र में प्रधानाचार्या को दोबारा निर्देश दिए कि चयनित अभ्यर्थी को तत्काल कार्यभार ग्रहण कराया जाए और देरी के संबंध में स्पष्टीकरण कार्यालय में प्रस्तुत किया जाए। पत्र में चेतावनी दी गई कि आदेश का पालन नहीं होने पर संबंधित अधिनियम और नियमावली के तहत कार्रवाई की संस्तुति उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। प्रबंध समिति भंग होने का भी दावा शिकायतकर्ता अरविंद कुमार ने दावा किया है कि कॉलेज की प्रबंध समिति पिछले 2-3 सालों से भंग है और प्रबंध संचालक नियुक्त नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कारण प्रधानाचार्या मनमानी कर रही हैं। शिकायत में प्रधानाचार्या के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और प्रतिभा को किसी अन्य कॉलेज में तैनाती देने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि जॉइनिंग नहीं होने से प्रतिभा मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रही हैं। हालांकि, प्रधानाचार्या पूजा मलिक का कहना है कि 28 तारीख को नियुक्ति पत्र जारी कर दिया गया था। उनका कहना है कि हमारे यहां पर संस्कृत के बच्चे ही नहीं हैं। अनुच्छेद लिखित में यह मांगा गया था कि कोई भी सब्जेक्ट पढ़ाना होगा लेकिन लिखित में उनके द्वारा यह नहीं दिया गया।
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