शेयर बाजार में भारी गिरावट: सेंसेक्स 640 अंक टूटा, निफ्टी लाल निशान पर फिसला
23 अप्रैल 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स करीब 640 अंक टूट गया जबकि निफ्टी भी लाल निशान पर रहा। वैश्विक संकेतों और बिकवाली के दबाव से बाजार में अस्थिरता बनी रही।
दि राइजिंग न्यूज़ डेस्क | 23 अप्रैल 2026 ।
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन बाजार की शुरुआत कमजोर रही और प्रमुख सूचकांक लाल निशान पर खुले। शुरुआती कारोबार से ही निवेशकों में घबराहट का माहौल देखने को मिला, जिससे पूरे सत्र में बाजार पर दबाव बना रहा।
वैश्विक संकेतों की कमजोरी और घरेलू बाजार में बिकवाली के चलते निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई, जिसका सीधा असर सूचकांकों पर देखने को मिला।
सेंसेक्स में बड़ी गिरावट
बंबई शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह करीब 532 अंक की गिरावट के साथ खुला। कुछ ही समय में यह करीब 640 अंक तक टूट गया और 77 हजार 800 के आसपास कारोबार करता देखा गया।
लगातार बिकवाली के चलते बाजार में गिरावट और गहरी होती गई। बड़े निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली भी इस गिरावट का एक प्रमुख कारण मानी जा रही है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है।
निफ्टी भी दबाव में
राष्ट्रीय शेयर बाजार का निफ्टी भी कमजोर शुरुआत के साथ खुला। निफ्टी में 170 से अधिक अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 24 हजार 200 के स्तर के आसपास कारोबार करता नजर आया।
पूरे दिन बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ।
विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी में आई गिरावट यह संकेत देती है कि फिलहाल बाजार में कोई मजबूत खरीदारी समर्थन नहीं दिख रहा है।
किन शेयरों में रही हलचल
सेंसेक्स के कुछ प्रमुख शेयरों में पावर ग्रिड, टीसीएस और एचसीएल टेक में हल्की खरीदारी देखने को मिली।
वहीं दूसरी ओर इंडिगो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस और एशियन पेंट्स जैसे बड़े शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
बैंकिंग, ऑटो और आईटी सेक्टर में अधिक दबाव देखा गया, जिससे पूरे बाजार पर नकारात्मक असर पड़ा। निवेशकों ने जोखिम भरे शेयरों से दूरी बनाना शुरू कर दिया।
पिछले सत्र में भी रही गिरावट
बुधवार को भी बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। सेंसेक्स में 756 अंक से अधिक की गिरावट आई थी, जबकि निफ्टी लगभग 200 अंक टूटकर बंद हुआ था।
लगातार दो कारोबारी दिनों की गिरावट ने बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी है।
इससे छोटे निवेशकों में भी चिंता का माहौल बन गया है और कई लोग सतर्क रुख अपना रहे हैं।
बाजार विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी निवेश में कमी, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता भारतीय बाजार को प्रभावित कर रही है।
इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोर संकेत भी निवेशकों के भरोसे को कमजोर कर रहे हैं।
आने वाले दिनों में बाजार की दिशा पूरी तरह घरेलू आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।