सोनम वांगचुक को हटाते ही मंच पर रो पड़े अभिजीत दीपके
सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल ले जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने विरोध स्वरूप भूख हड़ताल शुरू कर दी। इस दौरान मंच से संबोधन करते हुए वह भावुक होकर रो पड़े, जिसका वीडियो सामाजिक माध्यमों पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 18 जुलाई 2026
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में उस समय नया मोड़ आ गया जब लंबे समय से भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए प्रदर्शन स्थल से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया। इस कार्रवाई के बाद आंदोलन से जुड़े लोगों में नाराजगी देखने को मिली और कई संगठनों ने इसे लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार पर सवाल खड़े करने वाला कदम बताया। इसी घटनाक्रम के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर ही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा कर दी।भूख हड़ताल के दौरान अभिजीत दीपके मंच से समर्थकों को संबोधित कर रहे थे। इसी बीच वह अचानक भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू निकल आए। कुछ समय तक वह अपनी बात भी पूरी नहीं कर सके। मंच पर मौजूद अन्य लोगों ने उन्हें संभाला और समर्थकों ने नारे लगाकर उनका हौसला बढ़ाया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सामाजिक माध्यमों पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिस पर लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
स्वास्थ्य बिगड़ने पर पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया
जानकारी के अनुसार सोनम वांगचुक कई दिनों से लगातार भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे। लंबे समय तक भोजन न लेने के कारण उनकी तबीयत लगातार खराब होती जा रही थी। चिकित्सकों की सलाह के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम पूरी तरह स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया ताकि उनकी जान को किसी प्रकार का खतरा न हो।पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी आंदोलन को समाप्त करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि चिकित्सकीय आवश्यकता के कारण उन्हें अस्पताल पहुंचाना जरूरी था। हालांकि आंदोलन से जुड़े लोगों ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और इसे प्रदर्शन को कमजोर करने की कोशिश बताया। इसी वजह से जंतर-मंतर पर विरोध का माहौल और अधिक तीखा हो गया।
अभिजीत दीपके ने संभाला आंदोलन का मोर्चा
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के कुछ ही समय बाद कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने आंदोलन की जिम्मेदारी अपने हाथ में लेते हुए भूख हड़ताल शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि जब तक आंदोलन की मांगों पर सरकार की ओर से स्पष्ट और ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा। उन्होंने समर्थकों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील भी की।दीपके ने अपने संबोधन में कहा कि आंदोलन केवल किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि उन सभी लोगों का है जो अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन को किसी भी परिस्थिति में कमजोर नहीं होने दिया जाएगा और सभी समर्थक एकजुट होकर आगे की रणनीति पर काम करेंगे। उनके इस बयान के बाद प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों ने उनका समर्थन करते हुए नारे लगाए।
मंच पर भावुक होकर रो पड़े अभिजीत दीपके
भूख हड़ताल के दौरान जब अभिजीत दीपके मंच से लोगों को संबोधित कर रहे थे, तब वह अचानक भावुक हो गए। उन्होंने आंदोलन के संघर्ष, साथियों के सहयोग और सोनम वांगचुक की स्थिति का उल्लेख करते हुए अपनी बात रखनी शुरू की, लेकिन कुछ ही क्षणों बाद उनकी आवाज भर्रा गई और उनकी आंखों से आंसू निकल आए। कुछ समय तक वह बोल नहीं सके और मंच पर सन्नाटा छा गया।मंच पर मौजूद अन्य नेताओं और समर्थकों ने उन्हें संभाला तथा पानी पिलाकर शांत करने का प्रयास किया। इसके बाद समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया। इस भावुक पल का वीडियो वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल फ़ोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो कुछ ही समय में विभिन्न सामाजिक माध्यमों पर तेजी से प्रसारित होने लगा।
वीडियो पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं
अभिजीत दीपके के मंच पर भावुक होने का वीडियो सामने आने के बाद सामाजिक माध्यमों पर इसे लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई। बड़ी संख्या में लोगों ने इस वीडियो को साझा करते हुए आंदोलन के प्रति उनकी भावनात्मक प्रतिबद्धता की सराहना की। कई लोगों का कहना है कि लंबे समय से चल रहे आंदोलन और साथियों की स्थिति ने उन्हें भावुक कर दिया।वहीं कुछ लोगों ने पूरे घटनाक्रम पर अलग दृष्टिकोण भी रखा और कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पक्षों की बात सुनना आवश्यक है। सामाजिक माध्यमों पर इस विषय को लेकर लगातार बहस जारी है और विभिन्न समूह अपनी-अपनी राय सामने रख रहे हैं। इसी कारण यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
दिल्ली पुलिस और प्रशासन का पक्ष
दिल्ली पुलिस का कहना है कि उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी लोगों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। अधिकारियों के अनुसार यदि किसी प्रदर्शनकारी की स्वास्थ्य स्थिति गंभीर हो जाती है तो उसे तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन का दायित्व होता है। इसी उद्देश्य से सोनम वांगचुक को अस्पताल पहुंचाया गया।प्रशासन ने यह भी कहा कि अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील भी की है।
जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ाई गई
घटनाक्रम के बाद जंतर-मंतर और सफदरजंग अस्पताल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। आने-जाने वाले लोगों की निगरानी भी बढ़ा दी गई है और पूरे क्षेत्र पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।दूसरी ओर आंदोलन से जुड़े संगठनों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन और तेज किया जा सकता है। फिलहाल प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद हैं और आगे की रणनीति पर लगातार चर्चा चल रही है। प्रशासन और आंदोलनकारी दोनों की गतिविधियों पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।