ट्रैक्टर की टक्कर से ई-रिक्शा ड्राइवर की मौत:हाथरस में हादसा, 14 नवंबर को होनी थी बेटे की शादी
हाथरस में सहपऊ क्षेत्र में सादाबाद-जलेसर मार्ग पर महरारा चौराहे के पास शनिवार देर शाम ट्रैक्टर की टक्कर से घायल ई-रिक्शा चालक नूर मोहम्मद (60) की रविवार सुबह 4 बजे मौत हो गई। हादसे के बाद उन्हें सीएचसी में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी मिलने पर परिजन उन्हें घर ले आए थे। उनकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। खोंडा गांव के रहने वाले नूर मोहम्मद ई-रिक्शा चलाकर परिवार का खर्च उठाते थे। उनके छोटे बेटे आरिफ की 14 नवंबर को शादी होनी थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन हादसे ने परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं। ट्रैक्टर की टक्कर से क्षतिग्रस्त हुआ ई-रिक्शा शनिवार देर शाम नूर मोहम्मद सवारियां लेकर जलेसर रोड गए थे। लौटते समय महरारा चौराहे के पास उनके ई-रिक्शा को ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी। टक्कर से ई-रिक्शा क्षतिग्रस्त हो गया और नूर मोहम्मद गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए सीएचसी ले जाया गया। सिर में लगे पांच टांके, पैरों में भी चोट परिजनों के मुताबिक, सीएचसी में नूर मोहम्मद के सिर पर करीब पांच टांके लगाए गए थे। उनके पैरों और शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें आई थीं। इलाज के बाद डॉक्टर ने उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी। परिवार का कहना है कि घर पहुंचने के बाद भी वह ठीक से सो नहीं पाए और उनकी तबीयत लगातार खराब रही। आगरा ले जाने की तैयारी के बीच तोड़ा दम परिजनों ने बताया कि रविवार सुबह करीब 4 बजे नूर मोहम्मद की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिवार उन्हें इलाज के लिए आगरा ले जाने की तैयारी कर रहा था, लेकिन इससे पहले ही उनकी मौत हो गई। उनके परिवार में दो बेटियां और तीन बेटे हैं। बड़े बेटे और बेटी की शादी हो चुकी है। परिजनों ने डॉक्टर पर लगाए लापरवाही के आरोप परिजनों ने सीएचसी के डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका सवाल है कि जब डॉक्टर ने छुट्टी देते समय नूर मोहम्मद को ठीक बताया था, तो करीब सात घंटे बाद उनकी मौत कैसे हो गई। कोतवाली प्रभारी मयंक चौधरी ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह स्पष्ट होगी।
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