ट्रंप ने फिर मेलोनी पर साधा निशाना, तस्वीर साझा कर बढ़ाया नया विवाद
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की तस्वीर साझा कर विवादित टिप्पणी की है। नाटो शिखर बैठक से पहले दोनों नेताओं के बीच यह नया घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।
दि राइजिंग न्यूज़ | वाशिंगटन | 6 जुलाई 2026
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच चल रही राजनीतिक तल्खी एक बार फिर सार्वजनिक रूप से सामने आ गई है। ट्रंप ने अपने सामाजिक माध्यम मंच पर मेलोनी की एक तस्वीर साझा करते हुए ऐसा व्यंग्यात्मक संदेश लिखा, जिसने दोनों नेताओं के बीच पहले से चल रहे विवाद को और हवा दे दी। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ ही दिनों में उत्तर अटलांटिक संधि संगठन की महत्वपूर्ण शिखर बैठक आयोजित होने वाली है और उसमें दोनों नेताओं के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में इस पोस्ट ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
तस्वीर साझा कर ट्रंप ने फिर बढ़ाया विवाद
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सामाजिक माध्यम मंच पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें वह और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी एक-दूसरे के सामने खड़े दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर में मेलोनी मुस्कुराते हुए ट्रंप की ओर देख रही हैं। इसी तस्वीर के साथ ट्रंप ने ऐसा व्यंग्यात्मक संदेश लिखा, जिसमें संकेत दिया गया कि उन्हें किसी प्रकार के कानूनी संरक्षण की आवश्यकता है। ट्रंप की इस पोस्ट को कई राजनीतिक विश्लेषकों ने व्यक्तिगत टिप्पणी और राजनीतिक कटाक्ष के रूप में देखा है।
सात प्रमुख देशों के सम्मेलन के बाद शुरू हुआ था विवाद
दोनों नेताओं के बीच विवाद की शुरुआत पिछले महीने आयोजित सात प्रमुख देशों के सम्मेलन के बाद हुई थी। सम्मेलन समाप्त होने के बाद ट्रंप ने दावा किया था कि जॉर्जिया मेलोनी बार-बार उनके साथ तस्वीर खिंचवाने की इच्छा जता रही थीं। उन्होंने यह भी कहा था कि इटली की प्रधानमंत्री उनके साथ दिखाई देने के लिए काफी उत्सुक थीं और कई बार तस्वीर लेने का आग्रह किया था।ट्रंप के इन बयानों ने इटली की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। विपक्षी दलों ने सरकार से इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा और ट्रंप के दावों को लेकर कई सवाल उठाए। वहीं अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी इस बयान को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया, जिससे दोनों नेताओं के रिश्तों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गईं।
मेलोनी ने ट्रंप के सभी दावों को बताया मनगढ़ंत
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने ट्रंप के सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि न तो उन्होंने किसी तस्वीर के लिए आग्रह किया और न ही उनका देश किसी भी परिस्थिति में किसी के सामने झुकता है। मेलोनी ने कहा कि उनकी सरकार हर निर्णय केवल इटली के राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर लेती है और किसी भी व्यक्तिगत राजनीतिक संबंध का उसकी विदेश नीति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की टिप्पणियां वास्तविक तथ्यों से मेल नहीं खातीं। मेलोनी ने अपने बयान में यह भी संकेत दिया कि वह इस विवाद को और अधिक बढ़ाना नहीं चाहतीं, क्योंकि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में सहयोगी देशों के बीच विश्वास और समन्वय बनाए रखना अधिक महत्वपूर्ण है।
नाटो शिखर बैठक से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
ट्रंप की यह नई टिप्पणी ऐसे समय सामने आई है, जब उत्तर अटलांटिक संधि संगठन की महत्वपूर्ण शिखर बैठक होने वाली है। इस बैठक में अमेरिका, इटली और कई अन्य सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में ट्रंप और मेलोनी के बीच जारी यह सार्वजनिक विवाद अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।विदेश नीति के जानकारों का मानना है कि वैश्विक सुरक्षा और रक्षा जैसे अहम मुद्दों पर होने वाली बैठक से पहले इस तरह की बयानबाजी सहयोग के माहौल को प्रभावित कर सकती है। हालांकि अभी तक दोनों देशों की सरकारों की ओर से किसी आधिकारिक टकराव या संबंधों में तनाव की पुष्टि नहीं की गई है।
सामाजिक माध्यम पर छिड़ी तीखी बहस
ट्रंप की पोस्ट सामने आने के बाद सामाजिक माध्यम पर तीखी बहस शुरू हो गई। एक वर्ग ने इसे चुनावी राजनीति से जोड़कर देखा, जबकि दूसरे वर्ग ने इसे सहयोगी देशों के नेताओं के बीच गरिमा के अनुरूप नहीं माना। कई लोगों ने ट्रंप के व्यवहार की आलोचना की, वहीं उनके समर्थकों ने इसे उनकी बेबाक शैली का हिस्सा बताया।राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के नेताओं की प्रत्येक सार्वजनिक टिप्पणी का व्यापक प्रभाव पड़ता है। इसलिए ऐसे बयान केवल घरेलू राजनीति तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वैश्विक कूटनीति और देशों के पारस्परिक संबंधों पर भी असर डालते हैं।
आने वाले दिनों में दोनों नेताओं की मुलाकात पर रहेगी नजर
चूंकि दोनों नेताओं के उत्तर अटलांटिक संधि संगठन की शिखर बैठक में शामिल होने की संभावना है, इसलिए अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि आमने-सामने होने पर दोनों नेता किस प्रकार का व्यवहार अपनाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच सकारात्मक संवाद होता है तो मौजूदा विवाद को शांत किया जा सकता है।फिलहाल दोनों देशों के आधिकारिक संबंध सामान्य बताए जा रहे हैं, लेकिन ट्रंप की लगातार सार्वजनिक टिप्पणियों ने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय राजनीति का चर्चित विषय बना दिया है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की ओर से दिए जाने वाले बयान इस विवाद की दिशा तय कर सकते हैं।