ब्रिटेन ने रूसी तेल टैंकर रोका: रूस की शैडो फ्लीट पर बड़ा प्रहार

ब्रिटेन ने रूस की शैडो फ्लीट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक प्रतिबंधित रूसी तेल टैंकर को इंग्लिश चैनल में रोककर अपने नियंत्रण में ले लिया है। ब्रिटिश सरकार का दावा है कि इस कदम से रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था को झटका लगेगा।

ब्रिटेन ने रूसी तेल टैंकर रोका: रूस की शैडो फ्लीट पर बड़ा प्रहार

दि राइजिंग न्यूज़ | लंदन | 15 जून 2026

रूसी तेल टैंकर पर ब्रिटेन की बड़ी कार्रवाई

ब्रिटेन ने रूस की तथाकथित शैडो फ्लीट के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए एक प्रतिबंधित रूसी तेल टैंकर को इंग्लिश चैनल में रोक लिया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने इस अभियान को रूस की युद्ध मशीन को कमजोर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

छह घंटे तक चला विशेष अभियान

ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार रविवार तड़के शुरू हुए इस अभियान में ब्रिटिश सशस्त्र बलों, रॉयल मरीन कमांडो और राष्ट्रीय अपराध एजेंसी के विशेष अधिकारियों ने हिस्सा लिया। करीब छह घंटे तक चले अभियान के दौरान अधिकारियों ने टैंकर पर चढ़कर उसे अपने नियंत्रण में ले लिया। इस पूरे अभियान में ब्रिटिश वायुसेना ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इंग्लैंड के तट पर निगरानी में रखा गया जहाज

अधिकारियों ने बताया कि टैंकर को फिलहाल इंग्लैंड के दक्षिणी तट के निकट निगरानी में रखा गया है। जहाज के स्वामित्व, गतिविधियों और उससे जुड़े दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि जहाज किन मार्गों और नेटवर्क के माध्यम से संचालित हो रहा था।

रूस को आर्थिक झटका देने का दावा

प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने कहा कि यह अभियान उन सभी लोगों के लिए स्पष्ट संदेश है जो यूक्रेन युद्ध को जारी रखने के लिए रूस को आर्थिक सहायता पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन ऐसे नेटवर्क को छिपने नहीं देगा और प्रतिबंधों को प्रभावी बनाने के लिए हर संभव कदम उठाएगा।

रक्षा मंत्री ने भी दी प्रतिक्रिया

ब्रिटेन के रक्षा मंत्री डेन जार्विस ने कहा कि रूस अपनी शैडो फ्लीट के माध्यम से बड़े पैमाने पर तेल बेचकर युद्ध के लिए धन जुटाता है। उनके अनुसार यह कार्रवाई सीधे तौर पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की युद्ध रणनीति और आर्थिक संसाधनों पर प्रहार है।

क्या है शैडो फ्लीट

पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बाद रूस ने सैकड़ों तेल टैंकरों का एक नेटवर्क विकसित किया है जिसे शैडो फ्लीट कहा जाता है। इन जहाजों का स्वामित्व अक्सर जटिल और अस्पष्ट कंपनियों के माध्यम से संचालित किया जाता है ताकि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचा जा सके। इनका उपयोग रूसी तेल को विभिन्न देशों तक पहुंचाने के लिए किया जाता है।

सैकड़ों जहाजों का विशाल नेटवर्क

ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के अनुसार रूस के प्रतिबंधित तेल का लगभग 75 प्रतिशत निर्यात इसी नेटवर्क के माध्यम से किया जाता है। अनुमान है कि इस नेटवर्क में 700 से अधिक जहाज शामिल हैं। यह व्यवस्था रूस के लिए विदेशी मुद्रा अर्जित करने का एक प्रमुख साधन बनी हुई है।

पहले भी लगाए जा चुके हैं प्रतिबंध

ब्रिटेन अब तक शैडो फ्लीट से जुड़े 500 से अधिक जहाजों पर प्रतिबंध लगा चुका है। इन प्रतिबंधों के तहत ऐसे जहाज ब्रिटिश बंदरगाहों में प्रवेश नहीं कर सकते। साथ ही ब्रिटिश कंपनियों और नागरिकों को इन जहाजों को बीमा, वित्तीय सहायता या दलाली सेवाएं देने से भी प्रतिबंधित किया गया है।

फ्रांस के साथ मिलकर की गई कार्रवाई

ब्रिटिश सरकार के अनुसार यह पूरा अभियान फ्रांस के साथ समन्वय स्थापित कर चलाया गया। हाल के महीनों में दोनों देश रूस की शैडो फ्लीट पर दबाव बढ़ाने के लिए संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं। दोनों देशों का मानना है कि रूस की तेल आय को सीमित कर यूक्रेन युद्ध के लिए उपलब्ध वित्तीय संसाधनों को कम किया जा सकता है।

वैश्विक स्तर पर बढ़ सकता है दबाव

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की कार्रवाइयां जारी रहीं तो रूस की तेल आपूर्ति व्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। वहीं पश्चिमी देशों का उद्देश्य रूस की आय में कमी लाकर उस पर कूटनीतिक और आर्थिक दबाव बढ़ाना है। आने वाले समय में शैडो फ्लीट के खिलाफ और भी सख्त कदम उठाए जाने की संभावना जताई जा रही है।