खामेनेई के शहर पर अमेरिका का सबसे बड़ा हमला!

मशहद में अमेरिका द्वारा दो पुल ध्वस्त किए जाने के बाद ईरान ने अंतिम यात्रा को प्रभावित करने की साजिश का आरोप लगाया। दोनों देशों के बीच युद्ध और समुद्री तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

खामेनेई के शहर पर अमेरिका का सबसे बड़ा हमला!

दि राइजिंग न्यूज़ |मशहद | 09 जुलाई 2026

अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका ने ईरान के रज़वी ख़ुरासान प्रांत के मशहद शहर में स्थित दो महत्वपूर्ण पुलों पर हवाई हमला किया है। यही शहर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का गृह नगर माना जाता है और यहीं उनके अंतिम संस्कार की तैयारियों की चर्चा चल रही है। हमले के बाद ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने जानबूझकर अंतिम यात्रा को प्रभावित करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की है। इस घटना के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और अधिक बढ़ गया है।


खामेनेई के गृह नगर मशहद में अमेरिका की बड़ी सैन्य कार्रवाई

अमेरिका ने गुरुवार को ईरान के दूसरे सबसे बड़े शहर मशहद में स्थित दो महत्वपूर्ण पुलों को हवाई हमले में ध्वस्त कर दिया। यह शहर धार्मिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक दृष्टि से ईरान के सबसे महत्वपूर्ण नगरों में गिना जाता है। इसी शहर में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियों की खबरें सामने आ रही थीं। ऐसे समय पर हुए इस हमले ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र की घेराबंदी कर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है।


ईरान ने लगाया अंतिम यात्रा को प्रभावित करने का आरोप

अमेरिकी हमले के बाद ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरानी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने जानबूझकर उस शहर को निशाना बनाया, जहां खामेनेई की अंतिम यात्रा आयोजित होने वाली है। उनका कहना है कि यह हमला केवल सैन्य कार्रवाई नहीं बल्कि ईरान की राष्ट्रीय भावनाओं और धार्मिक आस्था पर सीधा प्रहार है। ईरान ने इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय मूल्यों के विरुद्ध बताते हुए विश्व समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की है।


अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ रहा है सैन्य तनाव

 पिछले कई दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच लगातार मिसाइल, ड्रोन और हवाई हमले हो रहे हैं। दोनों देश एक-दूसरे के सैन्य अड्डों, रणनीतिक ठिकानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं। लगातार हो रहे इन हमलों के कारण पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ गई है। कई देशों ने आशंका जताई है कि यदि यह संघर्ष नहीं रुका तो इसका प्रभाव वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।


समुद्री मार्ग को लेकर अमेरिका की कड़ी चेतावनी

अमेरिकी नेतृत्व ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही बाधित करने का प्रयास किया तो उसे कड़ा जवाब दिया जाएगा। अमेरिका का आरोप है कि ईरान पहले हुए समझौतों का उल्लंघन कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को खतरे में डाल रहा है। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है। ऐसे में यहां बढ़ता तनाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।


युद्ध में अमेरिकी मानव रहित विमानों को हुआ भारी नुकसान

 अमेरिकी समाचार माध्यमों की रिपोर्टों के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका के कई महंगे मानव रहित विमान मार गिराए गए हैं। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इन विमानों की कीमत करोड़ों डॉलर में है, जिससे अमेरिका को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। दोनों देशों की ओर से लगातार अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, जिनकी पुष्टि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभी नहीं हुई है।


पश्चिम एशिया में बढ़ी चिंता, वैश्विक असर की आशंका

पश्चिम एशिया: मशहद पर हुए हमले के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और गहरा गया है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष इसी तरह जारी रहा तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और क्षेत्रीय शांति पर पड़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र सहित कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की है।