खान सर की तलाश में एसआईटी की छापेमारी तेज

पटना में कोचिंग संस्थानों से जुड़े विवाद और कथित फायरिंग मामले में खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पुलिस की विशेष जांच टीम लगातार छापेमारी कर रही है जबकि फायर ऑडिट रिपोर्ट में भी कई गंभीर कमियां सामने आने का दावा किया गया है।

खान सर की तलाश में एसआईटी की छापेमारी तेज

दि राइजिंग न्यूज़ | पटना | 9 जून 2026

खान सर की तलाश में एसआईटी की छापेमारी तेज

बिहार की राजधानी पटना में कोचिंग संस्थानों से जुड़े बहुचर्चित विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। छात्रों के बीच लोकप्रिय शिक्षक और खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर को लेकर पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार विशेष जांच दल कई स्थानों पर लगातार छापेमारी कर रहा है और मामले से जुड़े सभी तथ्यों की गहन जांच की जा रही है।  हाल के दिनों में खान सर सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। इसी बीच पुलिस ने मामले से जुड़ी केस डायरी न्यायालय में भी प्रस्तुत कर दी है। जांच एजेंसियां अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई हैं।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई

पूरा विवाद बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद शुरू हुआ। 27 मई को परिणाम आने के बाद कई प्रमुख कोचिंग संस्थानों ने अपने छात्रों की सफलता को लेकर बड़े स्तर पर प्रचार अभियान शुरू किया। खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदु कोचिंग दोनों ने बड़ी संख्या में चयनित अभ्यर्थियों का दावा किया। शहर के विभिन्न इलाकों में पोस्टर, बैनर और होर्डिंग लगाए गए। इसी दौरान आरोप लगा कि एक कोचिंग संस्थान के प्रचार बोर्ड के ऊपर दूसरे संस्थान का विज्ञापन लगाया गया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया। देखते ही देखते यह मामला प्रतिष्ठा और वर्चस्व की लड़ाई में बदल गया।

दो रातों में बढ़ा विवाद

2 और 3 जून की रात को विवाद और अधिक गंभीर हो गया। दोनों पक्षों के बीच तोड़फोड़, पथराव और फायरिंग की घटनाओं के आरोप सामने आए। शुरुआती चरण में खान ग्लोबल स्टडीज की ओर से संस्थान पर हमले का दावा किया गया था। इसी आधार पर पुलिस ने ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हालांकि बाद में सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो ने जांच की दिशा बदल दी।

वायरल वीडियो के बाद बदली जांच की दिशा

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में कथित तौर पर कुछ सुरक्षा कर्मी हथियार चलाते दिखाई दिए। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने पूरे मामले की दोबारा जांच शुरू की। जांच टीम सीधे कोचिंग संस्थान पहुंची और वहां से दो सुरक्षा गार्डों को हिरासत में लिया। उनके पास मौजूद हथियार जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए गए। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फायरिंग किसने की, हथियार किसके थे और घटना की वास्तविक जिम्मेदारी किस पर बनती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो, तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ से प्राप्त जानकारी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

छात्रों का प्रदर्शन भी चर्चा में

रौशन आनंद की गिरफ्तारी के बाद बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए। पटना सहित कई स्थानों पर छात्रों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि जांच किसी एक पक्ष के दावों के आधार पर नहीं बल्कि उपलब्ध साक्ष्यों और वीडियो फुटेज के आधार पर की जानी चाहिए। वायरल वीडियो सामने आने के बाद छात्रों की मांगों को और अधिक समर्थन मिलने लगा। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और सभी पक्षों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

फायर ऑडिट रिपोर्ट ने बढ़ाई मुश्किलें

फायरिंग विवाद के बीच खान ग्लोबल स्टडीज के मुसल्लहपुर हाट स्थित कोचिंग केंद्र का फायर ऑडिट भी किया गया। जिला अग्निशमन विभाग की जांच में कई तकनीकी कमियां सामने आने का दावा किया गया है। अधिकारियों के अनुसार संस्थान की ओर से भवन को जी प्लस 4 बताया गया था जबकि निरीक्षण में भवन जी प्लस 5 पाया गया। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किए जाने की बात भी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार संस्थान में पर्याप्त क्षमता वाला ओवरहेड जल टैंक उपलब्ध नहीं था। आवश्यक अग्निशमन पंप, डाउन कॉमर सिस्टम, फायर अलार्म सिस्टम और पर्याप्त सुरक्षा संकेतक भी नहीं पाए गए। निरीक्षण के दौरान फायर एक्सटिंग्विशर की संख्या भी मानकों के अनुरूप नहीं बताई गई। इसके अतिरिक्त वैकल्पिक निकास मार्ग, रबर मैट और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं में भी कमियां दर्ज की गई हैं।

सात से दस दिन का समय

जिला अग्निशमन विभाग ने संस्थान को कमियां दूर करने के लिए सात से दस दिन का समय दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय के भीतर सुधार नहीं किए गए तो कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। यदि इसके बाद भी नियमों का पालन नहीं हुआ तो संस्थान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है और आवश्यकता पड़ने पर परिसर को सील करने पर भी विचार किया जा सकता है।

पुलिस और प्रशासन दोनों की नजर

पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा ने कहा है कि विशेष जांच दल लगातार कार्रवाई कर रहा है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि कानून के दायरे में रहकर हर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला बिहार के शिक्षा जगत और कोचिंग उद्योग में सबसे चर्चित मुद्दों में शामिल हो चुका है। आने वाले दिनों में एसआईटी की जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर कई नए खुलासे सामने आने की संभावना जताई जा रही है।