धर्मांतरण मामले में चांदनी पर गंभीर आरोप
उत्तर प्रदेश के शामली में कथित धर्मांतरण और संपत्ति हड़पने के आरोपों से जुड़ा मामला चर्चा में है। पुलिस ने मुख्य आरोपी चांदनी कुरैशी और उसके पिता को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
दि राइजिंग न्यूज़ | शामली | 9 जून 2026
धर्मांतरण मामले में चांदनी पर गंभीर आरोप
उत्तर प्रदेश के शामली जिले में कथित धर्मांतरण और संपत्ति से जुड़े एक मामले ने व्यापक चर्चा छेड़ दी है। पुलिस के अनुसार एक व्यापारी परिवार के बेटे को कथित रूप से प्रभाव में लेकर धर्म परिवर्तन कराने और आर्थिक लाभ प्राप्त करने की साजिश रचे जाने के आरोप सामने आए हैं। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया है।
परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित युवक आयुष मलिक के पिता देवराज मलिक ने पुलिस में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके बेटे को योजनाबद्ध तरीके से प्रभावित किया गया और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया। शिकायत के अनुसार वर्ष 2018 में अस्पताल में उपचार के दौरान आयुष की मुलाकात फिजियोथेरेपिस्ट चांदनी कुरैशी से हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच संपर्क बढ़ा और धीरे धीरे आयुष आरोपी के प्रभाव में आ गया। पुलिस के अनुसार वर्ष 2023 में युवक को दिल्ली ले जाया गया, जहां उसका नाम बदलकर मोहम्मद अली रखने और धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया गया है। हालांकि पुलिस को अभी तक कथित निकाह से संबंधित कोई आधिकारिक दस्तावेज प्राप्त नहीं हुआ है।
संपत्ति पर नजर होने का आरोप
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मामला केवल धर्म परिवर्तन तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे आर्थिक लाभ की मंशा होने की भी आशंका जताई जा रही है। शिकायतकर्ता परिवार का दावा है कि आरोपियों की नजर परिवार की करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्तियों पर थी। परिवार का आरोप है कि कथित रूप से पुराने दस्तावेज दिखाकर संपत्ति हस्तांतरण का दबाव बनाया जा रहा था। विरोध करने पर धमकी दिए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। इन आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
जांच में सामने आए नए पहलू
पुलिस और शिकायतकर्ता के अनुसार युवक को विभिन्न धार्मिक वीडियो और सामग्री दिखाकर प्रभावित करने का प्रयास किया गया। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय था। मामले में नौ नामजद और दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें कुछ परिजन और अन्य संबंधित व्यक्तियों के नाम भी शामिल हैं।
एसआईटी और एलआईयू को सौंपी गई जांच
शामली पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष जांच दल और स्थानीय खुफिया इकाई की टीमों को जांच में लगाया गया है। पुलिस भारतीय न्याय संहिता और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामले की जांच कर रही है। मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब फरार अन्य आरोपियों और कथित रूप से धर्म परिवर्तन प्रक्रिया में शामिल लोगों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
मामले पर बनी हुई है नजर
शामली का यह मामला प्रदेश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।