भाजपा पार्षद का अनोखा जन्मदिन विरोध

आगरा में एक भाजपा पार्षद ने अपने क्षेत्र में वर्षों से नाले की सफाई नहीं होने के विरोध में अनोखा तरीका अपनाया। पार्षद ने नाले में खड़े होकर जन्मदिन का केक काटा और नगर निगम तथा स्मार्ट सिटी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। इस प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

भाजपा पार्षद का अनोखा जन्मदिन विरोध

दि राइजिंग न्यूज़ | आगरा | 27 जून 2026

नाले में उतरकर मनाया जन्मदिन

उत्तर प्रदेश के आगरा में एक भाजपा पार्षद ने अपने जन्मदिन को विरोध प्रदर्शन का माध्यम बनाकर नगर निगम और स्मार्ट सिटी प्रबंधन का ध्यान क्षेत्रीय समस्याओं की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया। वार्ड-12 के भाजपा पार्षद किशन नायक ने नाले में खड़े होकर केक काटा और वर्षों से लंबित सफाई कार्य को लेकर नाराजगी जताई।

14 वर्षों से सफाई नहीं होने का आरोप

मामला नगला धनी स्थित नई विजय नगर कॉलोनी का है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र से गुजरने वाले नाले के भूमिगत हिस्से की पिछले 14 वर्षों से समुचित सफाई नहीं हुई है। नाले में भारी मात्रा में गाद जमा होने से जल निकासी प्रभावित हो रही है और बरसात के दौरान समस्या और गंभीर हो जाती है।

कई बार की शिकायतें बेअसर

पार्षद किशन नायक का कहना है कि उन्होंने नाले की सफाई के लिए लगभग 12 बार शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने नगर निगम अधिकारियों, स्वास्थ्य विभाग और स्मार्ट सिटी प्रबंधन को भी समस्या से अवगत कराया। कई बार निरीक्षण होने के बावजूद सफाई कार्य शुरू नहीं किया गया।

समर्थकों के साथ किया प्रदर्शन

समस्या के समाधान में देरी से नाराज पार्षद अपने समर्थकों और स्थानीय नागरिकों के साथ नाले पर पहुंचे। वहां नाले के बीच एक मेज रखकर केक सजाया गया और पार्षद ने नाले में खड़े होकर जन्मदिन मनाया। इस दौरान लोगों ने नगर निगम प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ नारेबाजी भी की।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद दिखाई दे रहे हैं। कई लोग इस अनोखे विरोध को जनसमस्याओं को उजागर करने का प्रयास बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे प्रशासनिक विफलता का प्रतीक मान रहे हैं।

प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

पार्षद ने आरोप लगाया कि स्वच्छता और स्मार्ट सिटी जैसे अभियानों के बावजूद क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने दावा किया कि महापौर को भी इस संबंध में पत्र भेजा गया था, लेकिन उसके बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। फिलहाल यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।