राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा खुलासा

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। 5 जून की रात का 24 सेकंड का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें आरोपी अविनाश शुक्ला को पुलिस और बैंक कर्मियों के साथ हिरासत में ले जाते देखा जा सकता है। इसी बीच सामने आया है कि शुरुआती कार्रवाई से पहले औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी, जबकि जांच टीम ने बिना शिकायत के ही कार्रवाई शुरू कर दी थी। मामले में अब तक करीब 79.85 लाख रुपये की बरामदगी हो चुकी है और एसआईटी जांच जारी है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा खुलासा

दि राइजिंग न्यूज़ | अयोध्या | 29 जून 2026

जांच में सामने आया नया खुलासा

अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले में जांच के दौरान एक अहम तथ्य सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, 5 जून से पहले ही ट्रस्ट को गड़बड़ी की जानकारी मिल चुकी थी और औपचारिक शिकायत दर्ज होने से पहले ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी थी।


5 जून की रात का CCTV फुटेज

इस मामले में 24 सेकंड का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसे 5 जून 2026 की रात 8:13 बजे का बताया जा रहा है। फुटेज में पुलिसकर्मी और बैंक कर्मचारी आरोपी अविनाश शुक्ला को हिरासत में लेकर सफेद कार की ओर ले जाते दिखाई दे रहे हैं।

वीडियो में आरोपी के हाथ में एक काला बैग भी नजर आता है। सूत्रों के मुताबिक इसी बैग में करीब पांच लाख रुपये नकद रखे हुए थे, जिसे मौके पर बरामद किया गया था।


बिना FIR शुरू हुई कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, उस समय ट्रस्ट की ओर से कोई औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई थी। शुरुआती कार्रवाई अनौपचारिक स्तर पर की गई थी और बाद में 7 जून को मामला सार्वजनिक हुआ।

यह तथ्य अब जांच के दायरे में है कि बिना एफआईआर के कार्रवाई किस प्रक्रिया के तहत की गई।


आठ आरोपियों के घरों पर छापेमारी

मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों के घरों पर पुलिस ने एक साथ छापेमारी की। इस दौरान जेवरात, प्रॉपर्टी दस्तावेज और बैंक संबंधी कागजात बरामद किए गए हैं।

पुलिस अब इन संपत्तियों के स्रोत की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इनका संबंध चढ़ावे की चोरी से तो नहीं है।


79.85 लाख रुपये की बरामदगी

अब तक पुलिस इस मामले में करीब 79.85 लाख रुपये बरामद कर चुकी है। यह कार्रवाई कई आरोपियों के ठिकानों पर लगातार की जा रही तलाशी और पूछताछ के आधार पर हुई है।


एसआईटी जांच जारी

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) इस पूरे मामले की जांच कर रहा है। प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर भारतीय न्याय संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस अब आरोपियों की कस्टडी रिमांड लेकर आगे की पूछताछ करने की तैयारी में है, ताकि पूरे नेटवर्क और धन के लेनदेन का खुलासा हो सके।