राहुल का धरना जारी, तीन बड़े इस्तीफों की मांग से गरमाई सियासत

प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं का धरना जारी है। कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग दोहराई है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और गृह सचिव गोविंद मोहन ने धरना समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन कांग्रेस अपने रुख पर कायम रही।

राहुल का धरना जारी, तीन बड़े इस्तीफों की मांग से गरमाई सियासत

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 21 जुलाई 2026

दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस नेताओं ने धरना जारी रखा। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी, जयराम रमेश, मल्लिकार्जुन खरगे सहित कई वरिष्ठ नेता और सांसद धरना स्थल पर मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। प्रदर्शन के कारण प्रधानमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक कड़ा कर दिया गया और पूरे क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई।


राहुल गांधी ने धरना जारी रखने का लिया निर्णय

कांग्रेस नेताओं के अनुसार राहुल गांधी ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक छात्रों के मुद्दे पर सरकार अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं करती और उनकी प्रमुख मांगों पर विचार नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह केवल एक राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि छात्रों के अधिकारों और भविष्य की लड़ाई है। धरना स्थल पर लगातार कांग्रेस सांसद और कार्यकर्ता जुटे रहे तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। नेताओं ने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखी जाएगी।


धरना समाप्त कराने की कोशिश रही असफल

धरने के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन प्रधानमंत्री आवास के बाहर पहुंचे। दोनों ने राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं से बातचीत कर धरना समाप्त करने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि बातचीत के माध्यम से समाधान निकाला जा सकता है और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। हालांकि कांग्रेस नेताओं ने अपनी मांगों से पीछे हटने से इनकार कर दिया और कहा कि जब तक सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक धरना जारी रहेगा।


तीन बड़े इस्तीफों की मांग पर अड़ी कांग्रेस

कांग्रेस ने इस आंदोलन के दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग को और तेज कर दिया। पार्टी नेताओं का कहना है कि छात्रों पर हुई कार्रवाई की नैतिक जिम्मेदारी केंद्र सरकार को लेनी चाहिए। कांग्रेस का आरोप है कि छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उनके साथ कठोर व्यवहार किया गया। पार्टी ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध भी उचित कार्रवाई की जाए।


प्रधानमंत्री आवास के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा

कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए प्रधानमंत्री आवास और उसके आसपास के पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए। अतिरिक्त पुलिस बल, सुरक्षा एजेंसियों के जवान और यातायात नियंत्रण दल लगातार तैनात रहे। कई स्थानों पर बैरिकेड लगाकर लोगों की आवाजाही पर नजर रखी गई। अधिकारियों ने पूरे समय स्थिति पर निगरानी बनाए रखी ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो और कानून-व्यवस्था पूरी तरह बनी रहे।


जयराम रमेश ने आंदोलन जारी रहने का किया दावा

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी छात्रों के मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है। उनका कहना है कि जब तक सरकार छात्रों की मांगों पर उचित निर्णय नहीं लेती और जवाबदेही तय नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएगी और छात्रों के हितों की आवाज उठाती रहेगी। पार्टी ने अपने सभी कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन में भाग लेने की अपील की।


छात्र आंदोलन पर बढ़ा राजनीतिक संघर्ष

दिल्ली में छात्रों के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। विपक्ष सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगा रहा है, जबकि सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दे रही है। यह मामला अब राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख विषय बन चुका है और आने वाले दिनों में संसद तथा राजनीतिक मंचों पर इसे लेकर और अधिक बहस होने की संभावना है।