सास को लेकर भागा दामाद राहुल, पहले भी दो महिलाओं के साथ फरार हो चुका है – ससुर का दावा
दि राइजिंग न्यूज। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से सामने आई सास-दामाद की लव स्टोरी अब नया मोड़ ले चुकी है। 7 अप्रैल को होने वाली शादी से कुछ दिन पहले दामाद राहुल अपनी होने वाली सास अनीता के साथ पैसे और जेवर लेकर फरार हो गया। अब इस मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अनीता के पति जितेंद्र का कहना है कि राहुल इससे पहले भी दो अन्य महिलाओं को भगाकर ले जा चुका है, लेकिन समझौता हो जाने के चलते मामले उजागर नहीं हुए थे।
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उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से सामने आई सास-दामाद की लव स्टोरी अब नया मोड़ ले चुकी है। 7 अप्रैल को होने वाली शादी से कुछ दिन पहले दामाद राहुल अपनी होने वाली सास अनीता के साथ पैसे और जेवर लेकर फरार हो गया। अब इस मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अनीता के पति जितेंद्र का कहना है कि राहुल इससे पहले भी दो अन्य महिलाओं को भगाकर ले जा चुका है, लेकिन समझौता हो जाने के चलते मामले उजागर नहीं हुए थे।
पहले भी कर चुका है ऐसा, लेकिन मामला दबा दिया गया
जितेंद्र का कहना है कि अब जब मामला सुर्खियों में आया है, तब कई लोग उन्हें फोन कर बता रहे हैं कि राहुल पहले भी इसी तरह महिलाओं को बहला-फुसलाकर भगाने की घटनाओं में शामिल रहा है। राहुल की पत्नी बनने जा रही लड़की के पिता जितेंद्र ने बताया कि उनकी पत्नी तीसरी महिला है, जिसे राहुल अपने साथ लेकर फरार हुआ है।
उन्होंने यह भी बताया कि पहले दो मामलों में राहुल के परिजनों ने आपसी समझौते करवा दिए थे, जिससे वह कानूनी कार्रवाई से बचता रहा और उसका यह पक्ष सामने नहीं आ पाया।
जेवर और नकदी लेकर फरार हुए थे
7 अप्रैल की शाम को राहुल और अनीता घर से जेवरात और नकदी लेकर फरार हो गए थे। तब से दोनों के मोबाइल फोन बंद हैं और पुलिस उनकी तलाश में लगी हुई है। लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका है।
अंतिम लोकेशन कासगंज में मिली, ससुर ने पुलिस पर सवाल उठाए
ससुर जितेंद्र का कहना है कि मीडिया में खबरें चल रही थीं कि राहुल और अनीता रुद्रपुर में हो सकते हैं, लेकिन उनकी अंतिम लोकेशन कासगंज में ट्रेस हुई थी। उन्होंने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जब लोकेशन सामने आ चुकी है, तो कार्रवाई में इतनी ढिलाई क्यों हो रही है?
जितेंद्र का कहना है कि वह चाहते हैं कि जल्द से जल्द राहुल और अनीता को पकड़ा जाए, ताकि परिवार को इंसाफ मिल सके और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।