शादी की खुशियां बनीं दहशत का मंजर: विदाई से पहले चले लाठी-डंडे

दि राइजिंग न्यूज। झांसी (उत्तर प्रदेश)। 30 मई, 2025 ।  मोंठ थाना क्षेत्र स्थित केसर वाटिका विवाहघर में एक हँसी-खुशी से भरा शादी समारोह उस वक्त आतंक में बदल गया, जब विदाई की तैयारियों के बीच लाठी-डंडे, हथौड़े और धारदार हथियारों से लैस कुछ लोग वहां पहुंच गए। दुल्हन के चाचा नारायण यादव को बेरहमी से पीटा गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले की पूरी वारदात विवाहघर में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है।

शादी की खुशियां बनीं दहशत का मंजर: विदाई से पहले चले लाठी-डंडे
The happiness of the wedding turned into a scene of terror: Lathi-baazi was used before the farewell

दि राइजिंग न्यूज। झांसी (उत्तर प्रदेश)। 30 मई, 2025 । 

मोंठ थाना क्षेत्र स्थित केसर वाटिका विवाहघर में एक हँसी-खुशी से भरा शादी समारोह उस वक्त आतंक में बदल गया, जब विदाई की तैयारियों के बीच लाठी-डंडे, हथौड़े और धारदार हथियारों से लैस कुछ लोग वहां पहुंच गए। दुल्हन के चाचा नारायण यादव को बेरहमी से पीटा गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले की पूरी वारदात विवाहघर में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है।


खुशियों में घुला खून का साया

घटना 28-29 मई की रात की है। दशरथ यादव की बेटी संध्या की शादी ग्राम करगुवां से बचावली आई बारात के साथ हो रही थी। रात्रि में गानों और डांस के बीच बारातियों और दुल्हन के कुछ रिश्तेदारों के बीच शराब के नशे में झगड़ा हो गया, जिसे दुल्हन के चाचा नारायण यादव ने बड़ी मुश्किल से शांत कराया।

लेकिन यह विवाद यहीं खत्म नहीं हुआ।


सुबह विदाई से ठीक पहले पहुंचा कहर

29 मई की सुबह जब संध्या की विदाई की तैयारियां चल रही थीं, तभी अचानक आशीष यादव बरथरी, लवकुश ठाकुर, टाइगर यादव, अनिकेत यादव और एक अज्ञात व्यक्ति हथियारों से लैस होकर विवाहघर में घुस आए।

उन्होंने पहले स्कार्पियो और XUV गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ की, फिर अंदर जाकर नारायण यादव पर हमला बोल दिया। हमले में उनके पैर में फ्रैक्चर हुआ और वे मौके पर ही घायल होकर गिर पड़े।


CCTV फुटेज बना सबूत, FIR दर्ज

घटना के तुरंत बाद दुल्हन के भाई जगराम यादव ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और CCTV फुटेज को सबूत के तौर पर कब्जे में ले लिया। आरोपियों के खिलाफ मोंठ थाना पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धाराओं 191(2), 191(3), 110, 115(2), 352, 324(5) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर लिया है।

हमलावर वारदात के तुरंत बाद मौके से फरार हो गए थे, लेकिन पुलिस अब उन्हें गिरफ्तार करने की तैयारी में जुट गई है।


सवालों के घेरे में विवाह सुरक्षा व्यवस्था

इस घटना ने विवाह स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह भी उठता है कि अगर सीसीटीवी कैमरे न होते, तो क्या इस हिंसा के आरोपियों को पकड़ना इतना आसान होता?


निष्कर्ष

शादी जैसा पवित्र अवसर एक हिंसक प्रदर्शन का गवाह बन गया। ऐसे मामलों में त्वरित न्याय और सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है ताकि लोग सामाजिक आयोजनों में खुद को असुरक्षित न महसूस करें।