लखनऊ हादसे के बाद कानपुर में फिजिक्स वाला समेत 22 कोचिंग संस्थान सील

लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड के बाद कानपुर में प्रशासन ने बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। कानपुर विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर फिजिक्स वाला समेत 22 कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान फायर सेफ्टी, भवन मानचित्र और संचालन संबंधी नियमों की जांच की गई।

लखनऊ हादसे के बाद कानपुर में फिजिक्स वाला समेत 22 कोचिंग संस्थान सील

दि राइजिंग न्यूज़ | कानपुर | 23 जून 2026

लखनऊ अग्निकांड के बाद हरकत में आया प्रशासन

लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में हुए भीषण अग्निकांड के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। इसी क्रम में कानपुर में बड़े स्तर पर जांच अभियान चलाया गया, जिसमें सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले कई संस्थानों पर कार्रवाई की गई। कानपुर विकास प्राधिकरण, जिला प्रशासन, फायर विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की गई।

फिजिक्स वाला समेत 22 संस्थान किए गए सील

प्रशासनिक जांच के बाद कानपुर के चर्चित शैक्षणिक क्षेत्र काकादेव में संचालित फिजिक्स वाला समेत कुल 22 कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया।अधिकारियों के अनुसार इन संस्थानों में भवन उपयोग, सुरक्षा मानकों और अन्य आवश्यक नियमों से संबंधित अनियमितताएं पाई गईं। इसके बाद संबंधित संस्थानों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की गई।

काकादेव बना जांच का मुख्य केंद्र

कानपुर का काकादेव क्षेत्र देश के प्रमुख कोचिंग हब में गिना जाता है। यहां हजारों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं।लखनऊ हादसे के बाद प्रशासन ने विशेष रूप से इस क्षेत्र को जांच के दायरे में रखा। बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।

फायर सेफ्टी इंतजामों की हुई जांच

जांच के दौरान फायर सेफ्टी से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की पड़ताल की गई। अधिकारियों ने देखा कि भवनों में अग्निशमन यंत्र मौजूद हैं या नहीं, इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था है या नहीं और आपातकालीन स्थिति में छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने की क्या व्यवस्था है।कई संस्थानों में फायर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया। कुछ स्थानों पर आवश्यक सुरक्षा उपकरण या तो अनुपस्थित थे या निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिले।

भवन मानचित्र और उपयोग पर भी उठे सवाल

निरीक्षण के दौरान भवनों के स्वीकृत मानचित्र और उनके वास्तविक उपयोग की भी जांच की गई।कई मामलों में यह पाया गया कि जिन भवनों को किसी अन्य उद्देश्य के लिए स्वीकृति मिली थी, वहां कोचिंग संस्थान संचालित किए जा रहे थे। कुछ भवनों में क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाने के भी आरोप सामने आए।प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों में नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

छात्रों की सुरक्षा को बताया प्राथमिकता

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई का उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। किसी भी संस्थान को सुरक्षा मानकों से समझौता करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।प्रशासन का कहना है कि लखनऊ जैसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

अन्य संस्थानों को भी जारी किए गए नोटिस

जांच अभियान के दौरान कई संस्थानों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। जिन संस्थानों में कमियां पाई गई हैं उन्हें निर्धारित समय के भीतर सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा में कमियां दूर नहीं की गईं तो उनके खिलाफ भी सीलिंग सहित अन्य कठोर कार्रवाई की जा सकती है।

पूरे प्रदेश में चल सकता है विशेष अभियान

लखनऊ अग्निकांड के बाद राज्य सरकार ने सुरक्षा मानकों की समीक्षा के निर्देश दिए हैं। इसके बाद विभिन्न जिलों में कोचिंग संस्थानों, व्यावसायिक भवनों और भीड़भाड़ वाले परिसरों की जांच तेज हो गई है।कानपुर में हुई कार्रवाई को इसी व्यापक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी निरीक्षण जारी रहेंगे और छात्रों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

सुरक्षा में लापरवाही पर नहीं होगी कोई रियायत

प्रशासनिक अधिकारियों ने दो टूक कहा है कि शिक्षा संस्थानों में पढ़ने वाले हजारों छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में भवन सुरक्षा, फायर सेफ्टी और अन्य मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।लखनऊ की दर्दनाक त्रासदी के बाद कानपुर में हुई यह बड़ी कार्रवाई सुरक्षा नियमों को लेकर प्रशासन की सख्ती का स्पष्ट संकेत मानी जा रही है।