हनुमानगढ़ी विवाद पर बड़ा दावा, बड़ा इनकार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हनुमानगढ़ी में नमाज संबंधी बयान के बाद पूर्व पुलिस महानिदेशक एवं राज्यसभा सांसद बृजलाल ने वर्ष 2003 की घटना का उल्लेख करते हुए बड़ा दावा किया। वहीं पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वीएन राय ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठ और निराधार बताया। मामले ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।

हनुमानगढ़ी विवाद पर बड़ा दावा, बड़ा इनकार

दि राइजिंग न्यूज़ | अयोध्या | 10 जुलाई 2026

अयोध्या की हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़े जाने के पुराने दावे को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद और पूर्व पुलिस महानिदेशक बृजलाल ने वर्ष 2003 की एक घटना का उल्लेख करते हुए समाजवादी पार्टी पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया। वहीं तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वीएन राय ने इन सभी दावों को पूरी तरह निराधार और झूठा बताया है। मामले को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है।


मुख्यमंत्री के बयान के बाद तेज हुआ विवाद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दावा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के समय हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का प्रयास किया गया था। उनके इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन करते हुए इसे तत्कालीन सरकार की नीतियों से जोड़ा। वहीं विपक्ष ने इस बयान को चुनावी माहौल में धार्मिक ध्रुवीकरण का प्रयास बताया और सरकार पर समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया।


बृजलाल ने वर्ष 2003 की घटना का किया उल्लेख

पूर्व पुलिस महानिदेशक तथा राज्यसभा सांसद बृजलाल ने दावा किया कि वर्ष 2003 में तत्कालीन सरकार के दौरान हनुमानगढ़ी के निकट रोजा इफ्तार कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी की गई थी। उनके अनुसार उस समय सीढ़ियों के पास चटाई बिछाकर नमाज की व्यवस्था करने का प्रयास भी हुआ था। उन्होंने कहा कि फैजाबाद के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने इसकी जानकारी उन्हें दी थी, जिसके बाद विरोध होने पर यह प्रयास सफल नहीं हो सका। उनका कहना है कि बाद में कार्यक्रम महंत के आवास पर संपन्न हुआ और सीढ़ियों पर बिछाई गई चटाई हटवा दी गई थी।


वीएन राय ने दावे को बताया पूरी तरह निराधार

बृजलाल के आरोपों पर तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वीएन राय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप तथ्यहीन हैं और बृजलाल पूरी तरह झूठ बोल रहे हैं। वीएन राय ने कहा कि जिस प्रकार की घटना का उल्लेख किया जा रहा है, वह वास्तविकता से मेल नहीं खाती। उन्होंने इस पूरे विवाद को राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा बताते हुए कहा कि तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है।


विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री के बयान और बृजलाल के दावों के बाद विपक्षी दलों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया। विपक्ष का कहना है कि चुनाव नजदीक आते ही धार्मिक मुद्दों को उछालकर जनता का ध्यान मूल समस्याओं से हटाने का प्रयास किया जा रहा है। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि धार्मिक भावनाओं को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है और इससे समाज में अनावश्यक तनाव पैदा हो सकता है।


वारिस पठान और अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया

इस पूरे विवाद पर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। एक ओर एआईएमआईएम के नेता वारिस पठान ने मुख्यमंत्री के बयान की आलोचना करते हुए इसे मुस्लिम समाज के खिलाफ बयानबाजी बताया। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिना किसी का नाम लिए सामाजिक माध्यम पर टिप्पणी करते हुए संकेत दिया कि चुनावी माहौल में इस प्रकार के बयान राजनीतिक उद्देश्य से दिए जा रहे हैं।


विवाद के बीच राजनीतिक माहौल हुआ गर्म

हनुमानगढ़ी से जुड़ा यह विवाद अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। एक पक्ष वर्ष 2003 की घटनाओं का हवाला देकर अपने दावों को सही बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रहा है। अब यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर और अधिक बयानबाजी देखने को मिल सकती है।