अखिलेश की आजम खान से मुलााकात पर राज्यसभा सांसद बोले-:कानपुर सपा संदेश देने काम कर रही कि वो अपराधियों और माफियाओं के साथ
कानपुर में राज्यसभा सांसद और यूपी पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान से जेल में मुलाकात करने पहुंचे अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। इस पर पाल ने कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जेल में आजम खान से मुलाकात कर यह संदेश देने का काम कर रहे हैं कि वह माफिया और अपराधियों के साथ हैं। वह ऐसे लोगों के साथ खड़े हैं, जो अपराध करते हैं और जिन्हें सजा मिल चुकी है।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव चुनाव में वोट पाने के लिए इतना गिर गए हैं कि उन्हें अपनी पत्नी का अपमान भी दिखाई नहीं देता।
अब विस्तार से पढ़िए, राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल ने क्या कहा… कानपुर में राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी मुस्लिम वोटों के लिए तुष्टीकरण की राजनीति कर रही है। पाल ने कहा कि आजम खान पर करीब 105 मुकदमे दर्ज हैं। उन्हें एमपी-एमएलए कोर्ट से सजा भी सुनाई जा चुकी है, जिसके चलते उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द हुई थी। उन्होंने दावा किया कि आजम खान पर अकेले रामपुर में 80 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। पाल ने कहा कि ऐसे व्यक्ति से मिलने जाना समाजवादी पार्टी की राजनीतिक मंशा को दर्शाता है। 'अपराधियों के साथ खड़े होने का संदेश दे रहे अखिलेश' प्रकाश पाल ने कहा कि अखिलेश यादव आजम खान से मुलाकात करके यह संदेश देना चाहते हैं कि समाजवादी पार्टी अपराधियों, सजायाफ्ता लोगों और दोषियों के साथ खड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि आजम खान पर कई गंभीर मामले दर्ज हैं और उन्हें अलग-अलग मामलों में सजा भी हुई है। पाल ने कहा कि योगी सरकार में अपराधियों के हौसले पस्त हुए हैं। ऐसे में अखिलेश यादव की आजम खान से मुलाकात को उन्होंने अपराधियों को अपने साथ होने का संदेश देने की कोशिश बताया। उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले अखिलेश यादव के चाचा आजम खान से मिलने गए थे और उन्होंने आजम खान को गृह मंत्री बनवाने की बात कही थी। पाल के मुताबिक, इस तरह की मुलाकातों का उद्देश्य मुस्लिम समाज को गुमराह करना है। 'मुस्लिम वोटों के लिए तुष्टीकरण कर रहे अखिलेश' पत्रकार ने जब प्रकाश पाल से पूछा कि चुनाव से पहले आजम खान से मुलाकात करने के पीछे मुस्लिम वोट हासिल करने की रणनीति है, तो उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव मुस्लिम वोटों के लिए तुष्टीकरण की राजनीति कर रहे हैं। पाल ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव वोटों के लिए इस हद तक जा चुके हैं कि उन्हें अपनी पत्नी के अपमान की भी परवाह नहीं है। उन्होंने दिल्ली की एक मस्जिद में हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वहां एक मौलाना ने अखिलेश यादव की पत्नी को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, लेकिन अखिलेश यादव ने इस पर कोई बयान नहीं दिया था। 'वोटों के लिए पत्नी का अपमान भी सहने को तैयार' प्रकाश पाल ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने अपनी पत्नी के कथित अपमान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने कहा कि यह घटना और आजम खान से मुलाकात, दोनों ही अखिलेश यादव की वोटों की राजनीति को दर्शाते हैं। पाल ने कहा कि अखिलेश यादव मुस्लिम वोट हासिल करने के लिए किस हद तक जा सकते हैं, ये मुलाकात साबित करती है।
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